ईश समर्पित हो रहे, हृदय में सद्भाव। प्रेम – भाव आदर बड़े, मीठा सरल स्वभाव॥2186॥ मन की शक्ति के संदर्भ में- रुचि क्षमता को जानके, मन को लक्ष्य पै डाट। मनोरथ करता पूर्ण है, शक्ति- स्रोत विराट॥2187॥ प्रभु कृपा के संदर्भ मे- हरि – कृपा बिन ना मिले, यश-धन और सम्मान। अर्जुन जीता युद्ध को, […]
बिखरे मोती: जो प्रभु के समीप रहते हैं-