बिखरे मोती तुच्छ जन संसार में, करें तुच्छता की बात:- तुच्छ जन संसार में, करे तुच्छता की बात। सत्पुरुष सहते रहें, भिन्न – भिन्न आघात॥1802॥ नीच- किच से बच रहो, करो नहीं तकरार। न जाने किस वक्त ये, इज्जत देंय उतार॥1803॥ महिमा मण्डित गुण करे, हीरा सा अनमोल। वाणी से मत पाप कर, तोल -तोलकर […]