इस समझौते में यद्यपि चीन ने भी तिब्बत के बदले में सिक्किम को भारत का अंग मान लिया, किन्तु यह भी ध्यान देने योग्य तथ्य है कि सिक्किम महाभारत काल से ही भारत का अंग रहा है। अंग्रेजों ने इस पहाड़ी प्रान्त को भारत से अलग करके दिखाने का प्रयास किया था। यह उनकी कूटनीतिक […]
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चीन का नाम आते ही एक ऐसे राष्ट्र की छवि उभरती है जो दीखने में तो अत्यंत सरल है किन्तु वास्तव में बहुत भयावह सोच वाला है। भारत की सरकारें स्वतंत्रता के पश्चात से पाकिस्तान की अपेक्षा चीन को अपने निकट अधिक मानती आयी हैं। भारतीय विदेश नीति का यह असफ ल पहलू है कि […]
मृत्युंजय दीक्षित क्रांतिकारी खुदीराम बोस भारत के ऐये महान सपूत थे जिन्होनें सबसे कम आयु में भारत को आजादी दिलाने के लिए व अग्रेजों के मन में भय उत्पन्न करने के कारण फांसी का फंदा चूम लिया। खुदीराम बोस का जन्म ग दिसम्बर अद्वद्व् को बंगाल के मिदनापुर जिले के एक -गांव में बाबू त्रैलौक्यनाथ […]
भारत में sunday की छुट्टी का कारण
हमारे ज्यादातर लोग sunday की छुट्टी का दिन enjoy करने में लगाते है। उन्हें लगता है, की हम इस sunday की छुट्टी के हक़दार है। क्या हमें ये बात का पता है, की sunday के दिन हमें छुट्टी क्यों मिली? और ये छुट्टी किस व्यक्ति ने हमें दिलाई? और इसके पीछे उस महान व्यक्ति का […]
प्रमोद भार्गव इसी साल जून माह में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए भूमि समझौते पर शांतिपूर्ण अमल हो गया। दोनों देशों के 51 हजार नागरिकों को एक देश और उसकी नागरिक पहचान मिल गई है। इस दृष्टि से इन नागरिकों को शनिवार की सुबह उम्मीद की नई किरण के साथ फूटी है। शुक्रवार की […]
अशोक प्रवृद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी हटाओ अभियान के तहत विश्व युवा कौशल दिवस 15 जुलाई को स्किल इंडिया मिशन अर्थात भारत कौशल विकास अभियान की शुरुआत कर भारत में युवा कौशल विकास का न केवल शंखनाद कर दिया है बल्कि संसार को इस बात का अहसास करा दिया है कि संसार के विकसित […]
दुश्मनों को देश के अन्दर, कभी नही आने देना।अपनी आजादी को तुम व्यर्थ नही जाने देना।। देश की खातिर वीरों अपना, सर्वस्व लुटा देना।जो भी तुम से लडऩे आये धूल धरा चटा देना।। देश के दुर्बल लोगों को, तुमको समर्थ बनाना है।भूले भटके पंथी को, कर्तव्य पथ पर लाना है।। अपने अन्दर के साहस को, […]
तब का और अब का भारत—एक अवलोकन
गंगानन्द झा तीस साल पहले जिस भारत को मैं गया था, वह आज के भारत से बिलकुल अलग मुल्क था। विदेशी के जेहन में उस वक्त यह अभी भी एक धुँधले, लेकिन व्यापक खतरे के खिलाफ आगाह करता था। सैलानी जरते थे कि उन्हें कोई छूत न लग जाए. भारत गन्दगी और मुसीबत की जगह […]
अनिल गुप्ता स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश जी, जो पिछले अनेक वर्षों से मुस्लिम समाज के साथ संवाद कायम करने में लगे हैं, के विभाजन और गांधीजी सम्बन्धी बयान पर उबलने वाले कांग्रेसी क्या विभाजन की घोषणा के बाद विभाजन विरोधी गांधीजी का कोई बयान दिखाएंगे? कुछ सवालों के जवाब देश जानना चाहता है […]
देश की वास्तविकता को बयान करती तस्वीर हमारे सामने आई है। मोदी सरकार ने सामाजिक आर्थिक जनगणना के आंकड़े पेश किये हैं, इससे स्पष्ट हुआ है कि भारत की जनसंख्या का 75 प्रतिशत भाग अभी तक ऐसा है जो पांच हजार रूपये तक की मासिक आय से ही गुजारा कर रहा है। ऐसे लोगों की […]