कहते हैं कि जो राजा या शासन पद्धति जनभावनाओं को नहीं समझ पाते हैं, रणनीतिक रूप से अकस्मात गोलबंद किए हुए उग्र लोगों के द्वारा नष्ट कर दिए जाते हैं। मुगलिया सल्तनत से लेकर ब्रिटिश साम्राज्य का हश्र हमारे-आपके सामने है। वहीं, एक बार नहीं बल्कि कई दफे हुआ पारिवारिक लोकतांत्रिक सत्ता का पतन भी […]
देश तो चलेगा बहुमत की इच्छा से ही ….