========== महाशय राजपाल प्रथम पीढ़ी के प्रमुख ऋषिभक्तों में से एक थे। वह आर्य साहित्य के प्रमुख प्रकाशक थे। उनका प्रकाशन मैसर्स सरस्वती संस्थान आर्य पुस्तकालय के नाम होता था जिसका मुख्यालय लाहौर था। उन्होंने अपने जीवन में उन्नत स्तर का आर्य साहित्य प्रकाशित कर वैदिक धर्म का प्रचार प्रसार किया। उनका जन्म अमृतसर में […]
Month: April 2020
============ वैदिक वा पौराणिक मान्यता के अनुसार वीर हनुमान जी का जन्म त्रेतायुग के अंतिम चरण में और फलित ज्योतिष के आचार्यों की गणना के अनुसार 58 हजार 112 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे भारत देश में आज के झारखंड राज्य […]
मनमोहन कुमार आर्य यज्ञ के अनेक प्रकार के भौतिक एवं आध्यात्तिमक लाभ होते हैं। यज्ञ से स्वस्थ जीवन सहित रोग निवारण भी होते हैं। यज्ञ से रोग निवारण के बारे में देश की जनता को ज्ञान नहीं है। ऋषि दयानन्द ने यज्ञ के लाभों का वर्णन करते हुए लिखा है कि देवयज्ञ न करने से […]
ललित गर्ग जमात में शामिल लोगों के संक्रमण से होने वाली मौतों का जिम्मेदार इसी मौलाना को माना जाना चाहिए और इसी के मुताबिक उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। मौलाना का कृत्य पूरे देश के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। आज जब देश-दुनिया कोरोना वायरस के कहर के बीच जीवन और […]
मनमोहन कुमार आर्य प्रायः सभी मत–मतान्तरों में ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार किया गया है परन्तु उनमें से कोई ईश्वर के यथार्थ स्वरूप को जानने तथा उसका अनुसंधान कर उसे देश–देशान्तर सहित अपने लोगों में प्रचारित करने का प्रयास नहीं करते। ईश्वर यदि है तो वह दीखता क्यों नहीं है, इसका उत्तर भी मत–मतान्तरों के […]
हमारे अनेकों इतिहास नायकों के साथ इतना अन्याय किया गया है कि उन्हें हम आज तक सही रूप में पहचान नहीं पाए हैं जैसे रामायण कालीन अनेकों महान पात्रों को हमने इस प्रकार दिखाया है जैसे वह मनुष्य जाति के न होकर पशु , पक्षी , वानर आदि हैं । इन्हीं में से एक जटायु […]
(ओ३म )”ओंकार शब्द परमेश्वर का सर्वोत्तम नाम है , क्योंकि इसमें जो अ, उ और म तीन अक्षर मिलकर एक ‘ओ३म’ समुदाय हुआ है इस एक नाम से परमेश्वर के बहुत नाम आते हैं । जैसे अकार विराट , अग्नि , और विश्व आदि । उकार हिरण्यगर्भ , वायु और तैजस आदि ,मकार ईश्वर ,आदित्य […]
संकल्पशील व्यक्ति ही पाते हैं मंजिल
इस पर भर्तृहरिजी अपने एक श्लोक में प्रकाश डालते हैं :- क्वाचिद्भूमौ शय्याक्वचिदपि च पर्यंकशयनम् क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदन रूचि:। क्वचिन्तकन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बर धरो, मनस्वी कार्यार्थी न गणपति दुखं न च सुखम्।। (नीतिशतक 83) भर्तहरि जी स्पष्ट कर रहे हैं कि जो व्यक्ति संकल्प शक्ति के धनी होते हैं, विचारधील और उद्यमी होते हैं, […]
कोरोना इस समय एक विश्वव्यापी महामारी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है । इसके उपरांत भी भारत अपनी आत्मा को पहचान कर अर्थात यज्ञ योग के साथ स्वयं को जोड़कर बहुत मजबूती के साथ इसका सामना कर रहा है । भारत के लोग स्वाभाविक रूप से सफाई पसंद हैं और मांसाहार से बचकर […]
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कोरोना वायरस से संक्रमण से उपजी आपदा के बीच पीएम केयर्स फंड में दान दिया है। ये दान राम मंदिर की तरफ से देश को दिया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि भव्य राम मंदिर का तो अभी निर्माण भी नहीं हुआ है लेकिन इसकी तरफ से […]