जब गांधी जी ने 1922 में असहयोग आंदोलन आरंभ किया तो देश के लोगों ने उसका अर्थ यह लगाया कि विदेशी सत्ताधारी अंग्रेजों को भारत से उखाड़ फेंकना गांधीजी के असहयोग आंदोलन का उद्देश्य है । लोगों ने यह भी सोचा कि क्रांति के माध्यम से भी यदि अंग्रेजों को यहां से भगाया जाएगा तो […]
Month: February 2020
वेद के रूप में ईश्वर ने मानव को एक संविधान देकर सुव्यवस्था प्रदान की । जबकि उपनिषदों ने मानव मन में उभरने वाले अनेकों गम्भीर प्रश्नों का उत्तर देकर उसकी शंकाओं का समाधान किया । अब बारी थी एक सुव्यवस्थित समाज को आगे बढ़ाने की । जिसके लिए हमारे ऋषियों ने 16 संस्कारों का विधान […]
दिल्ली ( विशेष संवाददाता ) जम्मू कश्मीर से भारत के संविधान की धारा 370 और 35a को हटाने , राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने , नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से पाकिस्तान , अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़ित होकर भारत आए हिंदू शरणार्थियों की समस्या का समाधान कर अखिल भारत हिंदू महासभा की […]
ओ३म् ========== ऋषि दयानन्द ने अध्ययन-अध्यापन के लिये गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति का उल्लेख कर उसे श्रेष्ठ शिक्षा पद्धति घोषित किया था। यही एकमात्र शिक्षा पद्धति है जहां पर वेदों सहित सम्पूर्ण वैदिक साहित्य का अध्ययन करने की सुविधा है। देश-देशान्तर में किसी शिक्षा पद्धति में वेदों व प्राचीन वैदिक साहित्य के अध्ययन करने की वह […]
ओ३म् “परमात्मा ने संसार सत्पुरुषों के सुख व आत्म कल्याण के लिये बनाया है” ========== हमारा यह संसार स्वतः नहीं बना और न ही यह पौरुषेय रचना है। इस संसार को मनुष्य अकेले व अनेक मिलकर भी नहीं बना सकते। हमारा यह सूर्य, चन्द्र, पृथिवी, सौर मण्डल तथा ब्रह्माण्ड अपौरुषेय और ईश्वर से रचित हैं। […]
भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद भारत की अनमोल की धरोहर : विपिन खुराना संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए पार्टी के कार्यालय मंत्री विपिन खुराना ने कहा कि भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद वैश्विक धरोहर है। जिसे आज के संदर्भ में सारे संसार को स्वीकार करना चाहिए । क्योंकि मानवतावाद की भावना यदि किसी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद […]
आखिर मीडिया है किसके साथ
संजय स्वदेश बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने 31 जनवरी 1920 को मराठी पाक्षिक ‘मूकनायक’ का प्रकाशन प्रारंभ किया था. सौ साल पहले पत्रकारिता पर अंग्रेजी हुकूमत का दबाव था. दबाव से कई चीजे प्रभावित होती थी. सत्ता के खिलाफ बगावत के सूर शब्दों से भी फूटते थे. आजाद भारत में यह दबाव धीरे धीरे […]
एशिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति भारत की मौजूदा विकास दर 4.5 फ़ीसदी है जो छह साल में सबसे निचले स्तर पर है. साल 2019 के आखिरी महीने में वित्त मंत्री ने संसद में बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था भले ही सुस्त है लेकिन मंदी का ख़तरा नहीं है. साल 2019 ख़त्म हो गया […]
ईश्वर न होता तो क्या यह संसार होता
ओ३म् ================= हम अपनी आंखों से भौतिक जगत वा संसार का प्रत्यक्ष करते हैं। इस संसार में सूर्य, पृथिवी, चन्द्र व अनेक ग्रह-उपग्रह हैं। हमारे सौर मण्डल के अतिरिक्त भी सृष्टि में असंख्य व अनन्त लोक-लोकान्तर एवं सौर्य मण्डल हैं। यह सब आकाश में विद्यमान हैं और अपनी धुरी सहित अपने-अपने सूर्य-सम मुख्य ग्रह की […]
आप जिस तरह अपने घर का बजट (Budget) बनाते हैं, उसी तरह सरकार हर साल अपना बजट (Budget) बनाती है. Union Budget में सरकार की आमदनी और खर्च का हिसाब-किताब होता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में Union Budget का उल्लेख वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में है. Union Budget में सरकार की आमदनी […]