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विश्वगुरू के रूप में भारत संपादकीय

विश्वगुरू के रूप में भारत-16

क्षत्रिय महारथी हों अरिदल विनाशकारी ब्राह्मण लोग राष्ट्र में अज्ञानांधकार से लड़ते हैं, तो क्षत्रिय लोग अत्याचार रूपी राक्षस का नाश करते हैं। ब्राह्मण राष्ट्र के ब्रह्मबल का प्रतीक हैं तो क्षत्रिय वर्ग समाज के क्षात्रबल का प्रतीक है। ब्रह्मबल की रक्षा भी क्षत्रबल से ही की जानी संभव है। यदि कोई राष्ट्र ब्रह्मबल से […]

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