सुरेश हिन्दुस्थानी कहावत है कि किसी मामले में जब गढ़े मुर्दे उखाडऩे का खेल शुरू हो जाता है, तब कुछ ऐसी बातें भी उजागर हो जाती हैं, जिनकी किसी को उम्मीद तक नहीं होती है। ललित मोदी प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी को घेरने वाली कांग्रेस आज भी इस बात को लेकर सशंकित है, कि […]
Month: July 2015
चिकित्सा शिक्षा में शामिल होगा योग
प्रमोद भार्गव भारत की गुलामी और उससे मुक्ति के बाद शायद यह पहला अवसर है,जब पश्चिमी जगत के ज्ञान की खिडक़ी पूरब के ज्ञान से खुलने जा रही है। वह भी ज्ञान के ऐसे क्षेत्र में जिसे केवल और केवल अंग्रेजी में ही संभव माना जाता रहा है। जी हां,चिकित्सा क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय मानक संस्था […]
वैदिक युग में विमानों का विज्ञान
प्रमोद भार्गव हमारे देश में एक बड़ी विडंबना है कि जब भी कोई विद्वान प्राचीन भारत अथवा वैदिक युग में विज्ञान की बात करता है तो उस विचार पर नए सिरे सोच की बजाय उसे खारिज करने प्रतिक्रिया ज्यादा सुनाई देने लगती है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के मुबंई में आयोजित 102 वे सम्मेलन में एक […]
किंतु नकली थी दवाई, व्यर्थ रहे प्रयास सब।विस्मय में हैं डाक्टर, रोगी ने तोड़ा सांस जब। हाय मेरा लाल कहकर, मां बिलखती जोर से।अंत:करण भी कराह उठा, उस दुखिया के शोर से। किंतु नही पसीजा हृदय, तू बहरा और अंधा है।उन्नत मानव का दम भरता, करता काला धंधा है। जीवन का तूने लक्ष्य बनाया, कार […]
भारत के संविधान के अनुच्छेद-3 में नया राज्य गठन करने की शक्तियां संसद को हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नई हाईकोर्ट की खण्डपीठ गठन करने पर व्यवहारिक दिक्कतें बताई हैं कि इससे कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ेगा व क्योंकि एक राज्य में एक ही मुख्य न्यायाधीश व एक ही एडवोकेट जनरल होता है, इसलिए […]
संघ की अवधारणा
भारतीय संविधान भारत को संघ मानता और घोषित करता है। भारतीय संविधान की इस मान्यता और घोषणा का आधार ‘क्रिप्स-मिशन’ बना। क्रिप्स मिशन वेफ प्रस्तावों में भारत को संघ बनाने और उसका विभाजन करने के बीच समझौता कराने का प्रयत्न किया गया। ऊपरी तौर पर क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों में मुसलमानों की अलग संविधान सभा […]
एक मुस्लिम महिला ने लिखा कि हिन्दू बनकर मंदिर में क्या घंटा बजाओगी। हिन्दुओं के भगवान श्रीकृष्ण तो नशेडी औरतबाज थे, रासलीला रचाते थे और फिर क्यों तुम काफिर हो गई। इस प्रश्न का जवाब है कि तुम किस भ्रम में हो? यकीनन मेरे कान्हा तो योगी और वेदों के प्रकांड विद्वान और एक पत्नीव्रता […]
वजन कम करना हो या मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाना हो, लोग कई तरह के नुस्खे आजमाते हैं। कुछ लोग इसके लिए योग की तरफ भी रूख करते हैं। तो क्या योग से ये संभव है? क्या इसके लिए कुछ ख़ास योगाभ्यास किए जा सकते हैं? अगर आप योग कर रहे हैं, तो आपका फालतू […]
गोवंश विनाश का एक और आयाम
डॉ. राजेश कपूर * वैटनरी वैज्ञानिकों को सिखाया-पढाया गया है कि पोषक आहार की कमी से गऊएं बांझ बन रही हैं। वैग्यानिकों का यह कहना आंशिक रूप से सही हो सकता है पर लगता है कि यह अधूरा सच है। इसे पूरी तरह सही न मानने के अनेक सशक्त कारण हैं। * बहुत से लोग […]
जो लोग सुनने से पहले अपना निर्णय सुनाने के अभ्यासी होते हैं, वे अच्छे न्यायाधीश और अच्छे वात्र्ताकार नही हो सकते। अच्छा न्यायाधीश और वात्र्ताकार बनने के लिए आपके भीतर दूसरे को सुनने का असीम धैर्य होना चाहिए। सुनवाई का अवसर न्यायालयों में हर पक्षकार को इसीलिए दिया जाता है कि किसी भी पक्षकार को […]