छत्तीसगढ़ का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास है। प्राचीन काल में इसे ‘दक्षिण कोशल’ के नाम से जाना जाता था। यहां छठी शताब्दी से 12वीं शताब्दी तक सरयूपरिया, पांडुवंशी, सोमवंशी कलचुरि तथा नामवंशी शासकों का शासन रहा। चालुक्य शासक अनमदेव ने वर्ष 1320 ई. में बस्तर में अपने राजवंश की स्थापना की थी। 16वीं शताब्दी में […]
Month: September 2014
पूज्य पिताश्री महाशय राजेन्द्र सिंह आर्य जी की पुण्यतिथि: 13 सितंबर पर विशेष पिता एक अहसास है-पिता हमारी बुलंदियों की नींव रखता है-‘‘अपने सपनों में, और उसे साक्षात करता है-अपने संघर्ष से, अपने पुरूषार्थ से, अपने उद्यम से, अपने त्याग से और अपनी तपस्या से। हम जब-जब अपने जीवन पथ पर कहीं बुलंदियों को छूते […]
कुम्भलगढ़, उदयपुर, राजस्थान। चीन की दीवार का नाम विश्व में सभी जानते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में भी एक ऐसी दीवार है जो सीधे तौर पर चीन की दीवार को टक्कर देती है। जिसे भेदने की कोशिश अकबर ने भी की लेकिन भेद न सका। जिसकी दीवार की मोटाई इतनी है […]
गतांक से आगे….. अति प्राचीन भाष्यकार भी वेदों में इतिहास मानते हैं। इस समय वेदों को छोडक़र शेष समस्त साहित्य में ब्राह्मण ग्रंथ और निरूक्त ही प्राचीन हंै। इन दोनों के देखने से विदित होता है कि अति प्राचीन काल में भी वेदों में इतिहास के मानने और न मानने वाले थे। गोपथ ब्राह्मण 2 […]
जापान से पंचवर्षीय मित्रता की योजना
उगते सूरज के देश जापान में भारत के मधुर संबंधों की सुबह हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान एक बड़े एजेंडे को पूरा करने की भरोसेमंद उम्मीद के साथ पहुंचे हैं, जो वैश्विक कूटनीतिक, सामरिक और आधुनिक तकनीकि हस्तांतरण के क्षेत्र में फलीभूत हुई है। इस पांच दिनी यात्रा में द्विपक्षीय सुरक्षा और आर्थिक […]
भारत में धर्म राजनीति की नकेल रहा है, और राजनीति धर्म की स्थापना का अर्थात मानवता को सर्वोपरि मनवाने का सशक्त माध्यम रही है। धर्म को जिन लोगों ने सम्प्रदाय या रिलीजन माना उन्होंने धर्म और राजनीति के खूनी संबंधों को मानवता के विरूद्घ मानकर धर्म और राजनीति को अलग-अलग करने का प्रयास किया। परंतु सत्य […]
बिखरे मोती भाग-65
ब्रह्मभाव को प्राप्त हो, जो रहता द्वन्द्वातीतगतांक से आगे….यदि इस सीढ़ी पर संभलकर चला जाए अर्थात इसका परिष्कार कर लिया जाए तो हमारी वृत्तियां तथा बुद्घि स्वत: ही शुद्घ हो जाएंगी। जिसके फलस्वरूप हमारी गति हो सकती है अर्थात हम मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए मन का निर्मल होना परमआवश्यक है। जो साधक […]
मोदी की जापान यात्रा के सुखद झोंके
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के कई निहित अर्थ हैं। इस यात्रा से जहां इन दोनों देशों के व्यापारिक और सामरिक संबंधों में निकटता आएगी वहीं अपने युगों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक संबंधों को समझने और उन्हें समीक्षित करने का अवसर भी इनको मिलेगा। आर्थिक क्षेत्र में भारत को जहां लाभ […]
सिद्धार्थ शंकर गौतम पहली बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं।वैसे तो किसी भी नई-नवेली पार्टी की सरकार के कार्यों की समीक्षा हेतु 100 दिनों का समय काफी कम है, अत: समीक्षा नहीं ही होना चाहिए किन्तु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली […]
भारत के मस्तक और धरती के स्वर्ग माने जाने वाले कश्मीर में पिछले दिनों से जो कुछ हो रहा है, जो कुछ किया जा रहा है उसे देखकर न सिर्फ कश्मीर बल्कि दुनिया की आँखें खुल जानी चाहिएं। भीषण बाढ़ की त्रासदी में पानी-पानी हो चुके कश्मीर के लिए भारतीय सेना और देश के योग्यतम […]