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महत्वपूर्ण लेख

गोडसे ने गांधी को क्यों मारा-3

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राजनीति

चीन के राष्ट्रपति का भारत में आगमन

पहली ख़बर –    सत्रह सितम्बर को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भारत में आ गये । दूसरी ख़बर- उससे एक दो दिन पहले चीन की सेना के सैनिक लद्दाख में भारतीय सीमा में घुस आये । तीसरी ख़बर- सत्रह सितम्बर को ही अपने देश की आज़ादी के संघर्ष में लगे हुये तिब्बतियों ने दिल्ली में […]

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

कितना अच्छा होता ये लोग न होते

हममें से हर कोई ऎसा है जो जीवन की ढेरों राहों पर चलते हुए किसी न किसी इंसान के बारे में ऎसा सोचता ही है कि कितना अच्छा होता यदि ये लोग नहीं होते। आम तौर पर इंसानियत का व्यवहार करने वाले, लोगों की भलाई और सेवा-परोपकार करने वाले लोगों के बारे में कोई ऎसा […]

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डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

सरकार व्यक्ति और व्यवस्था

किसी संस्कृत के कवि ने कितना सुंदर कहा है :- यन्मनसा ध्यायति तद्वाचा वदति,यद्वाचा वदति तत्कर्मणा करोति,यद्कर्मणा करोति तदभि सम्पद्यते। अर्थात मनुष्य जैसा विचारता है-ध्यान करता है, वैसा ही बोलता है, जैसा बोलता है-वैसा ही कर्म करता है और जैसा कर्म करता है वैसा फलोपभोग करता है।इसका अभिप्राय है कि संसार के सारे व्यवहार-व्यापार का […]

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राजनीति

जम्मू कश्मीर में हिन्दुओं के अस्तित्व का यक्ष प्रश्न-11

गतांक से आगे….. काला कानून क्रमांक-९ १९५४ में भारत सरकार ने धारा ३७० के आधार पर भारत के संविधान की धारा ३५ए जोड़ दी, जिसके अनुसार जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान से आए हुए शरणार्थियों को मूल अधिकारों से वंचित रखा। काला कानून क्रमांक-१० धारा ७(२) जो लोग १९४७ में जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान चले गये, […]

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आओ कुछ जाने

आइये जानें भारत विश्व गुरू क्यों था?

1.शतरंज के खेल की खोज भारत मे हुई थी।2.भारत ने अपने इतिहास में किसी भी देश पर कब्जा नहीं किया।3.अमरिका के जेमोलोजिकल संस्थान के अनुसार 1896 तक भारत ही केवल हीरो का स्त्रोत था।4.भारत 17वीं सदी तक धरती पर सबसे अमीर देश था इसलिए यह सोनेकी चीडिय़ा कहलाता था।5.भारत में हीं संख्या पद्धति का आविष्कार […]

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बिखरे मोती

जब भी बोलें सोच समझकर बोलें

बिखरे मोती भाग-66 गतांक से आगे…. परमात्मा ऐसे सत्पुरूषों के भण्डारी की स्वयं रक्षा करते हैं। इसीलिए वेद कहता है- ‘‘शतहस्त समाहर: सहस्रहस्तं सं किर:’’ अथर्ववेद 3/24/5 श्रद्घा देयम् अश्रद्घया देयम् , मिया देयम् , हिृया देयम् संविदा देयम् (तैत्तिरीय उपनिषद) अर्थात श्रद्घा से दे, अश्रद्घा से दे, भय से दे, लज्जा से दे, वचन […]

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प्रमुख समाचार/संपादकीय

संबंध समाप्ति का सूचक है कृतघ्नता और विश्वासघात

समूचा संसार दो तरह के लोगों से भरा पड़ा है- कृतज्ञ और कृतघ्न। जो लोग अपने पर किए हुए अहसान का बदला चुकाने को सदैव तैयार रहते हैं,उपकारी के प्रति आदर-सम्मान और दिली भावना रखते हैं तथा अवसर आने पर उन लोगों का धन्यवाद अदा करना नहीं भूलते जिनसे उन्हें किसी न किसी रूप में […]

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राजनीति

वीर सावरकर के वारिस बने नरेन्द्र मोदी

राकेश कुमार आर्य स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने ‘क्रांतिकारी चिट्ठियों’ में कहा-‘‘हम ऐसे सर्वन्यासी राज्य में विश्वास रखते हैं जिसमें मनुष्य मात्र का भरोसा हो सके और जिसके समस्त पुरूष और स्त्रियां नागरिक हों, और वे इस पृथ्वी पर सूर्य और प्रकाश से उत्तम फल प्राप्त करने के लिए मिलकर परिश्रम करते हुए फलों का समान […]

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राजनीति

उपचुनावों में जनता ने अपना भावी नेता चुन लिया

आर. डी. वाजपेयी राजनीति में अक्सर ऐसा होता है कि आप मनोवांछित परिणाम न पाकर मुंह की खा जाते हैं। ऐसा कितनी ही बार होता देखा गया है कि राजनीतिज्ञ किसी अपने विरोधी को फंसाने के चक्कर में कहीं खुद फंसकर रह जाते हैं। कुछ ऐसा ही सपा के साथ हो गया है। उप-चुनाव से […]

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