आलोक कुमारजिस अपार बहुमत के साथ जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में नयी सरकार को चुना है, उससे स्पष्ट है कि जनता की अपेक्षायें काफी बड़ी और बढ़ी हैं, मोदी जी भी उसे भलीभांति समझ रहे होंगे। जब अपेक्षाएं बड़ी होती हैं तो अंसन्तोष भी शीघ्र ही उभरता है। आजादी के छ: दशकों के […]
Month: June 2014
आज का चिंतन-11/06/2014
कुछ नहीं होगा घण्टियाँ हिलाने से – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल धर्म के नाम पर जो कुछ हो रहा है वह अपने आप में विचित्र है। हर समस्या को लेकर भगवान को तंग करो, घण्टियां हिला-हिला कर खुश करने का प्रयास करो और अपनी जिंदगी के सारे कामों को भगवान को सौंप दो, जैसे कि […]
अनुच्छेद ३७० पर बहस तो होनी ही चाहिए
सिद्धार्थ शंकर गौतम मोदी सरकार के गठन के ठीक अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री और उधमपुर से भाजपा सांसद जितेंद्र सिंह ने भाजपा के घोषणा-पत्र के अनुरूप जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद ३७० के औचित्य पर बयान देकर सियासत को गरमा दिया है| दरअसल उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने के लिए […]
विकास की भारतीय रुपरेखा
कन्हैया झा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” श्रृंखला (*) के आखिरी दसवें लेख में “विराट भारत” की कल्पना दी गयी है. एक विराट राष्ट्र ऐसा विशाल है “जिसमें सब चमकते हैं” अर्थात सभी विकसित हैं. “अर्थस्य मूलह राज्यम” के अनुसार शासनतंत्र का मुख्य कार्य देश के अर्थ पुरुषार्थ को पोषित कर सम्पन्नता लाना है. सन 1991 से […]
विदेश नीति में भारतीय भाषा
-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जिन दिनों दूरदर्शन का प्रचलन नहीं था उन दिनों अख़बार में ख़बर छपती तो थी लेकिन ख़बर बनती कैसे है यह पता नहीं चलता था । लेकिन जब से दूरदर्शन का प्रचलन बढ़ा है तब से आँखों के आगे ख़बर बनती […]
संथाल परगना : आजादी के बाद से जहां एक भी योजना पूरी नहीं हुई पुण्य प्रसून वाजपेयी चुनाव में मोदी विकास की डुगडुगी बजाकर हाशिये पर पड़े समाज में सपना तो जगा गये लेकिन सरकार बनने के बाद जो रास्ता सरकार ने पकड़ा है, उसमें चुनावी डुगडुगी की आवाज गायब क्यों हो गयी है। प्रधानमंत्री […]
संविधान की खतरनाक धारा 370
देवेन्द्र सिंह आर्यप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता संभालते ही संविधान की धारा 370 पर राष्ट्रीय बहस शुरू हो गयी है। इस धारा को राष्ट्रवादी दलों व लोगों ने शुरू से ही आपत्तिजनक माना है। इसके आपत्तिजनक मानने के कुछ ठोस कारण हैं, जैसे-– जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।-जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग […]
महाराणा प्रताप और दानवीर भामाशाह
विनोद बंसल मेवाड़ के राजा उदय सिंह के घर जन्मे उनके ज्येष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान और धर्म की रक्षा की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। उन दिनों दिल्ली में सम्राट अकबर का राज्य था जो भारत के सभी राजा-महाराजाओं को अपने अधीन कर मुगल साम्राज्य का […]
नये पी.एम.की राष्ट्रनीति
राजनीति को हमारे देश में प्राचीन काल में राष्ट्रनीति कहा और माना जाता था। राष्ट्र एक अमूर्त्त भावना का नाम है। मैं आपके प्रति सम्मान भाव रखता हूं, और आप मेरे प्रति रखते हैं-यह जो सम्मान भाव रखने की परंपरा है ना, यह दीखती नही है, पर वास्तव में ये ही वो चीज है जो […]
डॉ0 कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री पिछले दिनों लोकसभा के लिये हुये चुनावों में उधमपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डा० जितेन्द्र सिंह चुने गये । जम्मू कश्मीर में जब भी चुनाव होते हैं तो संघीय संविधान के अनुच्छेद ३७० का प्रश्न सदा प्रमुख रहता है । चुनाव चाहे लोक सभा के हों या विधान […]