ग्राम चचूला (दनकौर) जिला बुलंदशहर के श्रीमान महाशय मुंशी सिंह जी आर्य के परिवार में संवत 1982 के कार्तिक माह में पूज्या नानीजी श्रीमति खजानी देवी आर्या के गर्भ से 8 अक्टूबर 1925 को माताश्री श्रीमती सत्यवती आर्या जी का जन्म हुआ। केवल प्राथमिक स्तर की आरंभिक शिक्षा ही आप प्राप्त कर पायी थीं। विपरीत […]
Month: March 2013
निर्मल रानीभारतवर्ष किसी ज़माने में विश्वगुरु कहा जाता था। कोई इस बात को स्वीकार करे या न करे परंतु भारतीय प्राचीन संस्कृति तथा इसकी समृद्ध विरासत पर विश्वास रखने वाले लोगों का आज भी यह मानना है कि हमारे देश ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है। खासतौर पर ज्ञान,अध्यात्म व मानवता के क्षेत्र में। […]
देश आईसीयू के सहारे चल रहा है
मनीराम शर्माशेयर बाजार में हुए घोटालों में देश के निवेशक कई बार अपने हाथ जला चुके हैं और देश की जनता का धन कहीं भी सुरक्षित नहीं है। सरकार इन घोटालों से अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे के लिए किसी न किसी आयोग, मंडल, प्राधिकरण, कमिटी आदि का गठन कर देती है परन्तु इनका दायित्व […]
देवेन्द्र सिंह आर्यपाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ अपनी निजी यात्रा पर अजमेर शरीफ में जियारत के लिए आए, जिनका देश में भारी विरोध हुआ और अजमेर शरीफ के दीवान ने भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की यात्रा का विरोध करते हुए स्वयं को उनकी यात्रा से दूर ही रखा।लांस नायक हेमराज सिंह व उनके साथी के […]
चांदनी चौक कांप उठा-1
शांता कुमार23 दिसंबर, 1912 का दिन था। दिल्ली में विशेष चहल पहल थी। आज भारत के वायसराय लॉर्ड हार्डिंग बड़े समारोह के साथ दिल्ली में प्रवेश करने वाले थे। उनके भव्य स्वागत के लिए दिल्ली को नई दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस जुलूस में सैकड़ों घोड़े, हाथी, तोपें, बंदूकें व लाखों नर नारी […]
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 15 मार्च को अपनी सरकार का एक वर्ष पूरा करने जा रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि आज भी वह वहीं खड़े हैं जहां एक साल पहले शपथ लेने के समय खड़े थे। तमाम दावों के बाद भी उनकी सरकार को दंगों और दबंगों से छुटकारा […]
गतांक से आगे…कितनी महान है मेरे मालिक की आगोश?भूमिका-चित्त का चैन प्रभु के चरणों में है, न कि सांसारिक वस्तुओं के संग्रह में।बात सरलता से समझ में आए इसलिए एक दृष्टांत को उद्घृत करना चाहता हूं। किसी शहर में दो व्यक्ति रहते थे। एक शायर था, एक संपन्न था। शहर बहुत सुंदर था। शहर के […]
नज्म
मैं नये साल की आमद पर हंसू तो कैसे…..?साल 2012 गुजरा तो कहर ढाकर गुजरा,मासूम दामिनी की इज्जत खाकर गुजरा,जल जले यौन हिंसा के, हत्या करके गुजरा,देश मेरा अभी गम को उठाकर गुजरा,मैं नये साल की आमद पे हंसू तो कैसे…….?निर्भया के साथ छह बहसी दरिंदों ने यौन हिंसा कर डाली,भारतीय सभ्यता संस्कृति की धज्जियां […]
महाभारत के युद्घ में सर्वाधिक शालीन और मर्यादा की प्रतिमूर्ति, असाधारण व्यक्तित्व और प्रतिभा के धनी महात्मा विदुर का चिंतन इस राष्ट्र की गौरवपूर्ण थाती है। उनका चिंतन हजारों वर्षों से हमारा मार्गदर्शन करता आया है और अनंतकाल तक करता रहेगा। इस महात्मा ने लोकहितकारी शासक और शासन की आवश्यकता पर बल देते हुए मानवाधिकारों […]
डॉ. मधुसूदन उवाच *डॉ. डेवीड ग्रे -(१)”वैज्ञानिक विकास में भारत हाशिये पर की टिप्पणी नहीं है।” *(२)”वैश्विक सभ्यता में भारत का महान योगदान नकारता इतिहास विकृत है।” *(३)सर्वाधिक विकसित उपलब्धियों की सूची, भारतीय चमकते तारों की. आर्यभट, ब्रह्मगुप्त, महावीर, भास्कर, माधव के योगदानों की।” **(४)”पश्चिम विशेषकर भारत का ऋणी रहा है। *प्रो. स्टर्लिंग किन्नी –(५) […]