सूरज की तरह जगत में,करना तुम उजाला। माता-पिता ने तुम्हें,बड़े नाजों से पाला। जीवन में आगे बढ़ना तुम,अंधेरा हो या रोशनी। मुस्कराना हर दम तुम,धूप हो या चांदनी।
Month: January 2013
बोन कैंसर कैसे फैलता है
कैंसर के सेल्स कई प्रकार के होते हैं जो कि शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। कैंसररोधी सेल्स के लक्षण सामान्य होते हैं। कैंसर की कोशिकाओं की संख्या लगातार बढती जाती है और वे समाप्त नहीं होती हैं। धीरे-धीरे कैंसर की कोशिकाएं शरीर के अन्य ऊतकों और अंगों में फैल जाती हैं। कैंसर […]
टेल अवीव। जी हां, आपके मोबाइल के लिए एक ऐसा एप्लिकेशन बनाया गया है जिसकी मदद से आप ट्रैफिक अपडेट तो पाएंगे ही साथ ही दुर्घटनाओं से भी आगाह किए जाएंगे। वेज जीपीएस ट्रैफिक नामक एप्लिकेशन आपकी यात्राओं को तो आसान बनाएगा ही साथ ही आपको दुर्घटनाओं से भी अलर्ट करता रहेगा। वेज लोकेशन डाटा […]
इंटरनेट सेवाएं हुई महंगी
इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को अब 30 फीसद तक ज्यादा फीस चुकानी होगी। देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन ने ब्रॉडबैंड शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। माना जा रहा है कि बाकी कंपनियां भी जल्द ही टैरिफ में वृद्धि कर सकती हैं। एयरटेल ने 2जी ब्रॉडबैंड के एक जीबी […]
स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन 1863 को कलकत्ता में हुआ था। इनका बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ था। इनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। उनके पिता पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वे अपने पुत्र नरेन्द्र को भी अँग्रेजी पढ़ाकर पाश्चात्य सभ्यता के ढर्रे पर चलाना चाहते थे। […]
शांता कुमारगतांक से आगे…दामोदर के अभियोग में तीसरे छोटे भाई वासुदेव की गवाही हुई थी। उस सारे मुकदमे में बालकृष्ण के विरूद्घ कोई अभियोग न बन पाया था। वासुदेव की गवाही में कुछ बातें बालकृष्ण के विरूद्घ जाती थीं। अब पुलिस बालकृष्ण के विरूद्घ अभियोग बनाने के लिए उसके छोटे भाई वासुदेव की गवाही दिलाना […]
♚विश्वकवि रवीन्द्र नाथ ठाकुर ने कहा था कि यदि कोई भारत को समझना चाहता है तो उसे विवेकानंद को पढऩा चाहिए। ♚वे बंगला-संस्कृत और अंग्रेजी भाषा के विद्वान थे।♚दुर्बल आर्थिक स्थिति में स्वयं भूखे रहकर अतिथियों के सत्कार की गौरव गाथा उनके जीवन का उज्जवल अध्याय है।♚वे भोजन तब करते थे जब कोई उन्हें निमंत्रण […]
वाराहमिहिर-उज्जैन के निकट कपित्था नामक ग्राम में 499 ई में पैदा हुए। प्रसिद्घ खगोल शास्त्री तथा गणितज्ञ आर्य भट्ट के संपर्क में आने के कारण खगोल तथा ज्योतिष शास्त्रों में अनुराग पैदा हुआ। शीघ्र ही इन विद्याओं में पारंगत हो गये तथा चंद्र गुप्त विक्रमादित्य के दरबारर में उनके नवरत्नों में शामिमममल हो गये। इन्होंने […]
राजभाषा अधिनियम की अनुपालना
मनीराम शर्मामान्यवर को ज्ञात ही है कि राजभाषा अधिनियम,1963 की धारा 3(3) के अनुसार समस्त संकल्प, कार्यालय टिप्पण, साधारण आदेश, नियम, अधिसूचना, प्रशासनिक/ अन्य प्रतिवेदन या प्रेस विज्ञप्ति, संसद के समक्ष रखे जाने वाले प्रशासनिक/अन्य प्रतिवेदन और राजकीय कागज-पत्र अंग्रेजी व हिंदी दोनों भाषाओँ में होने चाहिए। अधिनियम की वास्तविक व भावनात्मक अनुपालना में, समस्त […]
इतिहास के आईने में देश की संसद व लोकसभाप्राचीन भारतीय राजनीति में संसद (राजनीतिज्ञों की ध्यानशाला) का निर्माण सभा और समिति से मिलकर होता था। ऋग्वेद में सभा का 8 बार और अथर्ववेद में 16 वार उल्लेख आया है। ये सभा आजकल की लोकसभा और राज्य के समान थीं।शब्दों के अस्तिव के विषय में हमें […]