राकेश कुमार आर्यमहिला आरक्षण विधेयक को लाकर यथाशीघ्र उसे संसद से पारित करा लेना कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार का प्रथम लक्ष्य बनता दीख रहा है। मुलायम सिंह यादव और शरद यादव जैसे लोग इस महिला विधेयक से मतभेद रखते हैं। उनका मानना है कि इस विधेयक का वर्तमान प्रारूप ही गलत है। इसमें दलित […]
Month: October 2012
उत्तर प्रदेश की कमान संभाले हुए अखिलेश यादव को अब सात माह से अधिक का समय हो गया है। वह एक युवा हैं और युवा होने के नाते प्रदेश की जनता को विशेष अपेक्षाएं उनसे हैं। युवा बीते हुए कल से कम बंधा होता है, वह आने वाले कल के सुनहरे सपने बुनता है इसलिए […]
प्रमोद भार्गवविश्वविख्यात काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के एक सींग वाले गैंडों पर बंगलादेश से आए अवैध घुसपैठिए कहर ढा रहे हैं। यहां पिछले 10 महीने के भीतर 39 गैंडों को मार गिराने की घटनाएं सामने आई हैं। जाहिर है इस दुर्लभ वन्य प्राणी पर पहले से कहीं ज्यादा संकट के बादल गहरा गए हैं। उद्यानों के […]
संविधान के रक्षक उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्र भाषा में कार्य करना अपने आप में गौरव का विषय है। राजभाषा पर संसदीय समिति ने दिनांक 28.11.1958 को संस्तुति की थी कि उच्चतम न्यायालय में कार्यवाहियों की भाषा हिंदी होनी चाहिए। उक्त संस्तुति को पर्याप्त समय व्यतीत हो गया है किन्तु इस दिशा में आगे कोई सार्थक […]
मीनाक्षी लेखी आकर्षक व्यक्तित्व की तेज तर्रार और मेधावी प्रवक्ता, अपने अकाट्य तर्कों से मिडिया में मोदी की ताकत बनती एक शालीन नारी शक्ति.मीनाक्षी लेखी आकर्षक व्यक्तित्व की तेज तर्रार और मेधावी प्रवक्ता, अपने अकाट्य तर्कों से मिडिया में मोदी की ताकत बनती एक शालीन नारी शक्ति।मीनाक्षी लेखी आकर्षक व्यक्तित्व की तेज तर्रार और मेधावी […]
जे.पी. बनाम अमिताभ
संजय कुमारमीडिया के लिए आज विचार और सिद्वांत कोई मायने नहीं रखते, बल्कि बाजार और सेलिब्रेटिज मायने रखते हैं। इसे चरितार्थ बिहार की मीडिया ने किया। 11 अक्टूबर लोकनायक जयप्रकाष नारायण की जयंती है और वहीं फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का जन्म दिन भी। बिहार से प्रकाशित 11 अक्टूबर के समाचार-पत्रों में देश की राजनीति […]
गतांक…..से आगेठीक इसी प्रकार व्यष्टि चित्त में पड़ा कोई प्रबल शुभ संस्कार अनुकूल वातावरण पाकर जब भोगोन्मुख होता है तो वह समष्टि चित्त से सजातीय संस्कारों को खींचता है जिनसे उसे विशेष ऊर्जा मिलती है। घोर गरीबी, विघ्न बाधाओं के बावजूद भी वह व्यक्ति ऐसे सबके आकर्षण और प्रेरणा का केन्द्र बनता है जैसे कूड़े, […]
अल्लाह की बेटी पर तालिबान का सितम
पाकिस्तान की बेटी मानवाधिकार कार्यकर्ता और लड़कियों में शिक्षा की अलख जगाने वाली 14 साल की मलाला यूसुफजई पर तालिबान ने जो गोली मारी है, वह मलाला के साथ ही इसलाम के बुनियादी उसूलों पर भी चली है। इसलाम लड़कियों को शिक्षा हासिल करने का अधिकार देता है, जिसे रोकना किसी भी सूरत जायज नहीं […]
गतांक………… क्षितीज वेदालंकार जी लिखते हैं ‘सबसे अधिक गड़बड़ी धर्म और मजहब सम्प्रदाय तथा पंथों और सम्प्रदायों को एक ही समझने की भूल से हुई है।” धर्म न रिलीजन है, न मजहब है, न पंथ है, न संप्रदाय। धर्म तो ऐसे शाश्वत सिद्घांतों का नाम है, जिनसे मानव जाति परस्पर सुख और शांति से रहती […]
सब्सिडी कटौती बनाम राजनीति
रसोई गैस के सब्सिडीयुक्त सिलेंडरों की संख्या एक साल में सीमित कर छह करने के केंद्र के निर्णय के बाद जो राजनीति चली आ रही है, उसने इतने संवेदनशील मुद्दे की गंभीरता को खत्म कर दिया है। ऐसा करते हुए लगभग सभी पार्टियों ने खुद को हल्का साबित कर दिया। सबसे पहले यह काम कांग्रेस […]