हमारे पूर्वज पिताओं अर्थात् पितरों ने दिव्य ज्ञान कैसे प्राप्त किया? हमें परमात्मा की पूजा अर्थात् ईश्वर भक्ति के मार्ग का अनुसरण क्यों करना चाहिए?अपने जीवन को पूर्ण और संरक्षित कैसे करें? प्र वो महे महि नमो भरध्वमाङ्गूष्यं शवसानाय साम। येना नः पूर्वे पितरः पदज्ञा अर्चन्तो अङ्गिरसो गा अविन्दन् ।। ऋग्वेद मन्त्र 1.62.2 (कुल मन्त्र […]