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आर्थिकी/व्यापार

विकास की बलिवेदी पर वनों की आहुति

पंकज चतुर्वेदी मध्य प्रदेश में वर्ष 2014-15 से 2019-20 तक 1638 करोड़ रुपये खर्च कर 20 करोड़ 92 लाख 99 हजार 843 पेड़ लगाने का दावा सरकारी रिकार्ड करता है, अर्थात‍् प्रत्येक पेड़ पर औसतन 75 रुपये का खर्च। इसके विपरीत भारतीय वन सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट कहती है कि प्रदेश में बीते छह सालों […]

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मुद्दा

*सुपर्णखाओं को अबला बनाने का यह कुत्सित प्रयास भारत की संस्कृति पर कुठाराघात*

🙏बुरा मानो या भला 🙏 —मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री” आजकल मैं दिल्ली में हूँ, दिल्ली यानी भारतवर्ष की राजधानी। जिसमें प्रतिवर्ष विदेशों से लाखों-हजारों लोग भारत के दर्शन करने आते हैं। वह यहां भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों को देखने, समझने और सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। क्योंकि पूरे विश्व में भारतीय परम्पराओं, […]

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कविता

दया की भीख मैं लूंगा नहीं ….

यह हार एक विराम है। जीवन महासंग्राम है।। तिल-तिल मिटूँगा पर दया की भीख मैं लूँगा नहीं। वरदान माँगूँगा नहीं।। स्‍मृति सुखद प्रहरों के लिए। अपने खंडहरों के लिए।। यह जान लो मैं विश्‍व की संपत्ति चाहूँगा नहीं। वरदान माँगूँगा नहीं।। क्‍या हार में क्‍या जीत में। किंचित नहीं भयभीत मैं।। संधर्ष पथ पर जो […]

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मुद्दा

विद्यार्थियों को लेकर शिक्षा मंत्री की चिंताऐं

सर्वमित्रा सुरजन शिक्षा मंत्री विद्यार्थियों को महान इंसान के रूप में विकसित करना चाहते हैं। उनके विचार बड़े नेक हैं। लेकिन शिक्षा का पहला उद्देश्य तो इंसान के नैसर्गिक गुणों का विकास कर उन्हें संवेदनशील बनाना होता है। इसके लिए महाभारत और रामचरित मानस ही क्यों सारे धर्मग्रंथ मददगार साबित हो सकते हैं, क्योंकि सभी […]

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आज का चिंतन

बीत गये अब दिखावे के सम्मोहक दिन

शमीम शर्मा जब समाज मोटरसाइकिल से इम्प्रेस होता है तो आम आदमी के पास साइकिल होती है। जब समाज कार से इम्प्रेस होता है तो आम आदमी के पास एक्टिवा होती है। जब जुगाड़ बिठाकर हम कार खरीद लेते हैं तो लोग कार से नहीं बल्कि खास ब्रांड की कार से इम्प्रेस होते हैं। यह […]

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कविता

*ये सब ढूंढ रहा हूँ पर नरेंद्र मोदी ने खो दिया*

कांग्रेस के जमाने का दंगा बार-बार कर्फ्यू आए दिन हो रहा नरसंहार सेना ने शहर में मार्च किया भय, भय, सन्नाटा, अग्नि… ये सब ढूंढ रहा हूँ पर नरेंद्र मोदी ने खो दिया एक पोरबंदर माफिया सलाया की तस्करी एक भरूच दुबका हुआ है लतीफ का राज्य और रिसालदार का दरबार एक धधकता अहमदाबाद एक […]

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आज का चिंतन

क्या श्रीमद्भगवद्गीता परतों में है ?

थोड़े समय पहले अजीत भारती ने एक इंटरव्यू में पूछा था कि क्या भगवद्गीता परतों में, लेयर्स में है? इसका सीधा सा जवाब हाँ है। अगर ये समझना हो कि ये कई परतों में कैसे है तो ये सोचिये कि आपके हिसाब से भगवद्गीता किनका संवाद है? संभवतः अधिकतर लोग इसका आसान सा जवाब दे […]

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इतिहास के पन्नों से

मातृभूमि_प्रेम_सर्वोपरि_जानिए_महाबलिदानी माता_पन्नाधाय_का_सम्पूर्ण_इतिहास

महाबलिदानी माता पन्नाधाय का जन्म चित्तौड़गढ़ के निकट माताजी की पांडोली नामक गांव में हुआ.. इनके पिता का नाम हरचंद सांखला था.. पन्नाधाय का विवाह आमेट के निकट स्थित कमेरी गांव में रहने वाले सूरजमल चौहान से हुआ…|| 1527 ई. में खानवा के युद्ध के बाद 1528 ई. में महाराणा सांगा का स्वर्गवास हो गया.. […]

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आज का चिंतन

*मृत्यु के बाद किये जाने वाले पारिवारिक और सामाजिक कार्यो कार्यो का विश्लेषण* :

‘अन्त्येष्टि कर्म क्या है? DR D K Garg ‘अन्त्येष्टि कर्म उस को कहते हैं कि जो शरीर के अन्त का संस्कार है, जिस के आगे उस शरीर के लिए कोर्इ भी अन्य संस्कार नहीं है।इसी को नरमेध्, पुरूषमेध्, नरयाग, पुरूषयाग भी कहते हैं । भस्मापिन्त शरीरम् । –यजु: अ॰ ४० । मं॰ १५ ॥ ।। […]

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राजनीति

राजनीति में जातिवाद की गहराती जड़ें

अजीत द्विवेदी धर्म बदल लेने वालों ने भी कभी जाति नहीं बदली, जिस धर्म में गए वहां अपनी जाति लेते गए। तभी पिछले दिनों कई मुस्लिम संगठनों ने कहा कि अगर जनगणना में जाति की गिनती होती है तो मुसलमानों में भी जातीय जनगणना होनी चाहिए। सो, भारत में जाति परम सत्य है। और अगर […]

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