डॉ. साकेत सहाय मुझे हिंदी से प्रेम है बचपन से है यह मुझसे घुला-मिला पेशावर से पोखरण तक कोच्चि से चटगाँव तक किसी के लिए है यह राष्ट्रीय भाषा किसी के लिए है यह राष्ट्रभाषा किसी के लिए है यह संपर्क भाषा किसी के लिए है यह जनभाषा पर भाव एक ही है सबके लिए […]
हिंदी -भारत की भाव भाषा