रचना: स्व0 पं0 चन्द्रभानु आर्योपदेशक संस्थापक व आद्य सम्पादक शांतिधर्मी आजाद पिता भारत माता दौलतखाना लन्दन में। उन बेटों का क्या जीना, जिनकी माता बंधन में।। विलायत में भेज दिया भारत का सोना चाँदी। भारतीय नेताओं की ये कैसी आँखें बाँधी। मेरे देश की जनता बिल्कुल समझ लई है आँधी। मार गिरा दें गोरों को […]