कुमारी श्रेया देश में कितने स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने इस देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण हंसते-हंसते नौछावर कर दिए। आज़ादी की इस लड़ाई में सिर्फ पुरुषों का ही नहीं बल्कि महिलाओं का योगदान भी काफी सराहनीय रहा है। लेकिन इस पितृसतात्मक समाज में अनगिनत महिलाओं को कभी वह स्थान नहीं दिया गया जिसकी […]
Author: श्रीनिवास आर्य
स्वाति सिंह बंटवारा फिर वो चाहे घर में हो, रिश्तों में हो या फिर देशों में ये हमेशा दर्दनाक होता है। इस पीड़ा को सिर्फ वही अच्छे से समझ सकता है, जिन्होंने इस दर्द को खुद सहा,जिन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा हो,जिन्होंने अपनों को खोया हो,उन्हें ये दर्द आज भी सालता रहता है। हमारे देश […]
बहरीन में भगवद गीता!
लेखक – राजेंद्र खेड़ी थोड़े दबाव में पांडुरंग शास्त्री बहरीन के शेख के पास गए। उसने सोचा कि उसकी राय और विचार शेख को पसंद आएंगे। लेकिन उन्हें अभी भी संदेह था कि क्या शेख साहब उन्हें उपदेश देने की अनुमति देंगे। कुछ दिन पहले, स्वामी चिन्मयानंद को मध्य एशिया के कुछ स्थानों से सचमुच […]
किताबों से लेकर दस्तावेजों में बदल जाएगा मिस्र का इतिहास योगेश मिश्रा मिस्र पुरातत्वविदों की पहली पसंद रहता है क्योंकि यह मौजूद पुरातत्व स्थल अक्सर इतिहास से जुड़े रहस्यों पर से पर्दा हटाते रहते हैं। अब एक ममी के अवशेष दावा कर रहे हैं कि मिस्र में ममी का इतिहास अनुमान से ज्यादा प्राचीन है। […]
अरुण उपाध्याय लेखक ज्योतिष के विद्बान और पूर्व आईपीएएस अधिकारी हैं। मूल नामों से प्राचीन इतिहास और परंपरा का पता चलता है। जैसे काशी क्षेत्र की पूर्वी सीमा (सोन-गंगा संगम) पर स्थित स्थानों के नाम उसी क्रम में हैं जैसे जगन्नाथ पुरी के निकट के क्षेत्र। विश्वनाथ और जगन्नाथ धाम में अधिक अन्तर नहीं है। […]
लोकेन्द्र सिंह एक नहीं, दो नहीं, लगभग आधा सैकड़ा शिव मंदिर। एक ही जगह पर, एक ही परिसर में। आठवीं शताब्दी की कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना। आसपास बिखरे पड़े तमाम अवशेष। पुरातत्व विभाग और सरकार ईमानदारी से प्रयास करते रहेंगे तो निश्चित ही चारों तरफ बिखरे पड़े इन्हीं अवशेषों में से और मंदिर जी उठेंगे। […]
के.एम. त्रिपाठी हम देखते हैं कि विभिन्न देशों की यात्राओं में जब हमारे राजनेता जाते हैं, तो उनके स्वागत के लिए विश्वभूमि के बन्धु संस्कृति की परम्पराओं, धार्मिक श्लोकों व हिन्दू संस्कृति के विविध प्रतीकों, पध्दतियों,कलाओं के माध्यम से उनका सम्मान करते हैं। भारत में भले ही छुद्र राजनैतिक स्वार्थों के लिए विभिन्न धड़े सनातन […]
(7 नवंबर 1966 में गौहत्या पर प्रतिबन्ध के समर्थन में संसद का घेराव करते महान गौरक्षक। उनके तप और बलिदान के लिए कोटि कोटि नमन ) #डॉविवेकआर्य भारतीय इतिहास में गौ हत्या को लेकर कई आंदोलन हुए हैं और कई आज भी जारी हैं। लेकिन अभी तक गौहत्या पर प्रतिबन्ध नहीं लग सका है। इसका […]
शरद पवार को महाराष्ट्र में सरकार बनाना भारी पड़ गया शरद पवार सरकार नहीं बनाता तब भी भारी पड़ता शरद पवार इन्हीं मुसीबतों से बचने के लिए सरकार बनाई पर भूल गया राज्य से ज्यादा केन्द्र की पावर होती है और केन्द्र में हैड नरेंद्र मोदी है। शरद पवार की यही दाल नहीं गली आज […]
भारत में क्या है अवतारों का सच ?
आचार्य अनूपदेव संसार में प्रायः अवतारवाद को लेकर यह अवधारणा बनी हुई है कि भगवान या ईश्वर अवतार यानी कि जन्म लेता है। यहाँ विचार करने वाली बात यह है कि, यदि कहा जाये कि मनुष्य अवतार लेता है, तो यह सम्भव है, क्योकि अवतार तो केवल वही ले सकता है जो एकदेशी अणु हो, […]