Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

भारत के राष्ट्रवादी मुसलमान : अराजक तत्वों के खिलाफ बनना पड़ेगा ‘मदारी बाबा’

राष्ट्र हमारी सोच में निवास करता है। इस सोच के वशीभूत होकर हम अपने समस्त देशवासियों को अपना भाई-बहन मानते हैं । जब भी हमारी सामूहिक चेतना आगे बढ़ने का निर्णय लेती है या आगे बढ़कर कुछ कर दिखाती है तो चाहे चंद्रयान-3 अभियान हो या फिर सर्जिकल स्ट्राइक हो, सभी पर हमको समान रूप […]

Categories
Uncategorised

अध्याय … 68 , नींद चैन की लेय…..

202 सुख आया तो दु:ख गया, दु:ख आए सुख जाय। यही सनातन खेल है, मनवा समझ न पाय।। मनवा समझ न पाय , करता रहा ठिठोली। समझा वही , जिसकी आंख विधाता ने खोली।। समझदार ना विचलित होता, जब आता है दु:ख। समत्व भाव से जीवन जीता , ना भटकाता सुख।। 203 भूमि शय्या प्रेम […]

Categories
Uncategorised

अध्याय … 67 आई और आकर गई ,……

199 चंदन को ज्यों ज्यों घिसें, सुगंधि बढ़ती जाय । सोने से कुंदन बने, कीमत बढ़ती जाय।। कीमत बढ़ती जाय , ईख से रस भी निकले। चमक बढ़े तप से सदा,जाने जो इस पथ चले।। तपता चल, जपता चल, बन जा तू भी कुंदन। मूल्यवान बन जा तू इतना, लोग बना लें चंदन।। 200 पागल […]

Categories
Uncategorised

अध्याय … 66, योगी मिलन की चाह में,….

196 धन धरती रह जाएगा, पशु खड़े रहें बाड़ । अंत समय जब आएगा, धर्म ही होगा साथ।। धर्म ही होगा साथ , ना कोई साथ निभावै। मतलब के हैं दोस्त ,सब दूर से हाथ हिलावें।। पत्नी भी दरवाजे तक, चार कदम ही धरती। चिता में तेरी देह जलेगी, जलें ना धन -धरती।। 197 जग […]

Categories
Uncategorised

अध्याय … 65 , संत शांत आगे बढ़ें …..

193 जब तक स्वस्थ शरीर है, और बुढ़ापा दूर। इंद्रियां शक्ति से भरी, नाम जपो भरपूर ।। नाम जपो भरपूर ,होगा कल्याण बहुत ही। आग लगे पे कुआं खोदें, कहलाते मूरख ही ।। भूलो बिगाड़ हुए को , हो लिया जो अब तक। सुधारो इस जीवन को, प्राण बचे हैं जब तक।। 194 भोग भोगते […]

Categories
Uncategorised

अध्याय … 64 , शरीर सिकुड़कर झुक गया……

190 शरीर सिकुड़कर झुक गया, धीमी पड़ गई चाल। दांत टूट कर गिर गए, आंख – नाक बेहाल।। आंख – नाक बेहाल, कान से ऊंचा सुनता। मुंह से लार टपकती रहती, व्यर्थ में सिर धुनता।। धर्मपत्नी रहती दूर, कभी बेटा ना बांधे धीर। कहे, बुढ़ापा कितना बैरी ? डगडग हिले शरीर।। 191 जब तक तन […]

Categories
कविता

अध्याय … 63 जोबन चढ़ती वासना…..

187 सत्व ,रज और तम से बना, चित्त उसी का नाम। जब तामस इसमें बढ़े, करता उल्टे काम।। करता उल्टे काम, अधर्म और अनीति लावै । उल्टी देता सीख मनुज को, अज्ञान बढ़ावै।। विषयों में जा फंसता मानव, छा जाता है तम। बताए प्रकृति के तीन गुण, सत्व ,रज और तम।। 188 वासना के भूत […]

Categories
कविता

अध्याय … 62 संसार नदिया बह रही …..

184 संसार नदिया बह रही, आशा जिसका नाम। जल मनोरथ से भरी, कलकल कहे प्रभु नाम।। कलकल कहे प्रभु नाम, उठती तरंग तिरसना। राग द्वेष के मगर घूमते, मार रही है रसना।। तर्क वितर्क के पक्षी जल में, करते खुले विहार। अज्ञान रूपी भंवर देखकर, व्याकुल है संसार।। 185 जग नदिया के घाट पर, भई […]

Categories
कविता

अध्याय … 61 मदिरा पीकर सो रहा…..

181 फटी पुरानी गूदड़ी , और चिंता जिससे दूर। भिक्षा ले भोजन करे, आनंद करे भरपूर।। आनंद करे भरपूर , नाम ईश्वर का भजता। नींद लेय बड़ी मस्ती से, मस्त सदा ही रहता। राग द्वेष से मुक्त , कटे जिसकी जिंदगानी।। वह गूदड़ी बड़ी कीमती, बेशक फटी पुरानी।। 182 उदय – अस्त हो सूर्य, उमर […]

Categories
कविता

अध्याय … 60 जिसके मन में लोभ है….

178 अनुकूल पति के जो चले, वही है उत्तम नार । आज्ञा उसकी मानकर, करत सभी ब्यौहार।। करत सभी ब्यौहार , कभी ना उल्टी चलती। करे सहज स्वीकार , यदि हो जाए गलती।। रखती मीठी वाणी, आचरण करे ना प्रतिकूल।। मति और गति सब ,रखती स्वामी के अनुकूल।। 179 जिसके मन में लोभ है, दुर्गुण […]

Exit mobile version
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
Kolaybet Giriş
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
bettilt giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti
kolaybet giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
betnano güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
Kolaybet Giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
onwin
grandpashabet giriş
bettilt giriş
Betgaranti
sahabet giriş
betgaranti
norabahis giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
Kolaybet Giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
onwin giriş
onwin giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
grandpashabet giriş
kolaybet giriş
Kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet
betgaranti giriş
sahabet
sahabet
marsbahis giriş
marsbahis giriş
onwin
onwin
favorisen giriş
favorisen giriş
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş