Categories
गीता का कर्मयोग और आज का विश्व डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-1

वैदिक गीता-सार सत्य भी-कभी मन में आता है कि वह समय कितना पवित्र और प्यारा होगा, जब भगवान श्री कृष्ण जी इस भूमण्डल पर विचरते होंगे? पर अगले ही क्षण मन में यह विचार भी आता है कि उस काल को भी पवित्र और प्यारा नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यदि वह काल पवित्र और […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से विश्वगुरू के रूप में भारत

विश्वगुरू के रूप में भारत-62

इसी समय भारत की राष्ट्रवादी शक्तियों ने अपना योग विश्व को प्रस्तुत कर दिया है। हताशा और निराशा का मारा हुआ संसार बड़ी तेजी से ओ३म् के झण्डे तले योग की शरण में आ रहा है और अपनी हताशा और निराशा को मिटाकर आत्मिक शान्ति की अनुभूति कर रहा है। लोगों को ओ३म् का उच्चारण […]

Categories
संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा

दुर्गादास राठौर ने मल्लिका गुलनार के सामने रख दिया था अपना सिर

वेदों में नारी का सम्मान वेद ने नारी को अप्रतिम और अतुलित सम्मान दिया है। इसका कारण यही है कि नारी जगन्नियंता ईश्वर की विधाता और सर्जनायुक्त शक्ति का नाम है। ऋग्वेद (1/113/12) में कहा गया है- यावयद्द्वेषा ऋतपा ऋतेजा: सुम्नावरी सूनृता ईरयंती। सुमंगलीर्विभूति देवती तिमिहाद्योष: श्रेष्ठतया व्युच्छ।। अर्थात-”हे श्रेष्ठतम ऊषा! तू अपनी छटा को […]

Categories
पूजनीय प्रभो हमारे……

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-74

हाथ जोड़ झुकाये मस्तक वन्दना हम कर रहे गतांक से आगे…. अत: एक प्रकार से नमस्ते दो विभिन्न आभामंडलों का प्रारंभिक मनोवैज्ञानिक परिचय है, जिसमें दो भिन्न-भिन्न आभामंडल कुछ निकट आते हैं, और परस्पर मित्रता का हाथ बढ़ाने का प्रयास करते से जान पड़ते हैं। इसीलिए कहा गया है :- अभिवादन शीलस्य नित्यं वृद्घोपसेविन:। चत्वारि […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से विश्वगुरू के रूप में भारत

विश्वगुरू के रूप में भारत-61

तालाबों को प्राचीन काल में हमारे पूर्वज लोग बड़ा स्वच्छ रखा करते थे। पर आजकल तो इनमें कूड़ा कचरा और गंदी नालियों का गंदा पानी भरा जाता है। यही स्थिति नदियों की है। जो वस्तु हमारे जीवन का उद्घार करने में सहायक थी उन्हें ही हमने अपने लिए विनाश का कारण बना लिया है। हमें […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से विश्वगुरू के रूप में भारत

विश्वगुरू के रूप में भारत-60

वेदमंत्र जो कुछ कहता है उसकी व्याख्या वेदश्रमीजी इस प्रकार करते हैं-”हे अग्नि! तुम वृष्टि से हमारी रक्षा करो। अर्थात वृष्टि करके हमारा पालन करो और अति वृष्टि को रोककर भी वृष्टि से हमारी रक्षा करो। इस प्रकार दोनों प्रकार की प्रक्रियाओं के प्रति इसकी संगति होती है। किस प्रकार रक्षा या पालन करें इसके […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से विश्वगुरू के रूप में भारत

विश्वगुरू के रूप में भारत-59

इस मंत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे हमारा मुख सिर के अग्र भाग में होता है, वैसे ही यान का संचालन यंत्र अग्रभाग में ही रखना चाहिए। इसे तीन आवरण वाला अर्थात सुरक्षा, गति व संचालन की दृष्टि से त्रिवृत्त कहा गया है। संचालन कक्ष में संचालकों के बैठने व बाह्य […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से विश्वगुरू के रूप में भारत

विश्वगुरू के रूप में भारत-58

वहां कहा गया है-”ओ३म् अग्निमीडे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम्। होतारं रत्नधातमम्।।” (ऋ. 1/1/1) यहां पर अग्नि को सर्वत: हित करने में अग्रणी मानते हुए उसकी स्तुति करने की बात कही गयी है। इसका अभिप्राय है कि वेद का ऋषि अग्नि के गुणों से परिचित था। तभी तो उसने उसकी स्तुति का उपदेश दिया है। अग्नि तत्व […]

Categories
संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा

हिन्दू शक्ति के नायक के रूप में उभरे छत्रपति शिवाजी

शिवाजी नाम की महिमा जब कभी भी भारतवर्ष के निष्पक्ष स्वातंत्र्य समर का इतिहास लिखा जाएगा तब भारत के महान सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज को उस समर के महानायकों में अवश्य ही स्थान मिलेगा। छत्रपति शिवाजी भारत के इतिहास के उस महान नक्षत्र का नाम है, जिससे औरंगजेब सबसे अधिक भय खाता था। उसे रात […]

Categories
पूजनीय प्रभो हमारे……

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-73

हाथ जोड़ झुकाये मस्तक वन्दना हम कर रहे गुरू ने शिष्य से एक दांव छुपाकर रखा-यह उनका ‘यथायोग्य वत्र्ताव’ था। उन्होंने उसे सब कुछ सिखाने का प्रयास किया-यह उनका ‘प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार किया गया आचरण’ था।  भारत का राष्ट्रीय अभिवादन ‘नमस्ते’ है। नमस्ते की सही मुद्रा है -व्यक्ति के दोनों हाथों का छाती के सामने आकर […]

Exit mobile version
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vdcasino
betgaranti
betpark giriş
betpark güncel giriş
vdcasino
vdcasino
jojobet güncel
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş