============= हमने दो दिन पूर्व एक लेख में अपने कुछ आर्यमित्रों की जानकारी दी है जिनके साहचर्य से हम जीवन में वर्तमान अवस्था तक पहुंचें हैं। आज इस लेख में हम कुछ अन्य मित्रों की चर्चा कर रहे हैं। हम भाग्यशाली हैं कि हमें एक बहुत ही अच्छी समर्पित मित्रों की मण्डली प्राप्त हुई। यदि […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
वैदिक धर्म और होली का पर्व
ओ३म xxxxxxxxxxxx वैदिक धर्म एक सम्पूर्ण उत्कृष्ट जीवन शैली है। इसमें पर्वों को मनाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। पर्व प्रसन्नता एवं उल्लास का एक अवसर होता है। इसके लिये हमारे कुछ प्राचीन मनीषियों ने वर्ष की कुछ तिथियां निर्धारित की हुई हैं जिन पर इन पर्वों को मनाया जाता है। इसका यह […]
आत्माराम यादव पीव समाज में लौकिक आचरण का बड़ा महत्व है और वैदिक आचरण से इसका तानाबाना जोड़कर लोकाचारों को पूरा किया जाता है। भारत में हजारों साल से यादवों का वर्चस्व रहा है जिसमें कई शताब्दियों से यादव समाज की एक शाखा ग्वालवंश आज भी वैवाहिक बंधन में बंधने से पूर्व युवक-युवतियों के गुणों […]
प्राचीन ग्रंथों में भारतीय राजनय
प्राचीन भारत में विभिन्न धर्म ग्रन्थों में राजनय से सम्बन्धित उपलब्ध सामग्री का वर्णन इस प्रकार है :- मनुस्मृति मानव धर्म पर लिखित मनुस्मृति, भारत की एक ऐसी अति प्राचीनतम कृति है, जिसमें राजदूतों तथा उनके कार्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है। मनु के द्वारा दिये गये नियमों में पड़ोसी देशों के साथ राजनीतिक सम्बन्धों […]
ललित गर्ग- गंगा की सफाई, उसे प्रदूषण मुक्त करने एवं गंगा के माध्यम से आर्थिक विकास, धार्मिक आस्था एवं पर्यटन की संभावनाओं को तलाशने की दृष्टि से वर्तमान उत्तरप्रदेश सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास रंग दिखाने लगे हैं। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 से 31 जनवरी तक […]
मित्रो ! कल मैं ‘उगता भारत ‘ समाचार पत्र के सह संपादक श्री राकेश आर्य जी बागपत वालों के यहां उनके पुत्र के वाग्दान संस्कार समारोह में सम्मिलित होने के लिए गया था। वहां से लौटते हुए रास्ते में सड़क के एक ओर बागपत के सांसद श्री सतपाल सिंह जी का एक पोस्टर लगा हुआ […]
6 फरवरी 1890 को जन्मे खान अब्दुल गफ्फार खान की आज जयंती है । खान अब्दुल गफ्फार खान को इतिहास में बादशाह खान ,बच्चा खान और सीमांत गांधी के नाम से भी जाना जाता है। वे ऐसे नेता थे जिन्होंने अंतिम क्षणों तक जिन्ना की विभाजनकारी नीति का विरोध किया था । विभाजन के उपरांत […]
ओ३म् =========== हमारा जन्म एक अल्प शिक्षित पिता श्री भगवानदीन तथा अपढ़ माता श्रीमती रामकली जी से 26 जुलाई, सन् 1952 को हुआ था। हमारे पिता एक श्रम से जुडे स्किल्ड श्रमिक का कार्य करते थे और अपनी तकनीकी योग्यता के कारण जीवन के अन्तिम दिनों दिसम्बर, 1978 तक कार्य करते रहे। हमारी प्रारम्भिक शिक्षा […]
जब गांधी जी ने 1922 में असहयोग आंदोलन आरंभ किया तो देश के लोगों ने उसका अर्थ यह लगाया कि विदेशी सत्ताधारी अंग्रेजों को भारत से उखाड़ फेंकना गांधीजी के असहयोग आंदोलन का उद्देश्य है । लोगों ने यह भी सोचा कि क्रांति के माध्यम से भी यदि अंग्रेजों को यहां से भगाया जाएगा तो […]
वेद के रूप में ईश्वर ने मानव को एक संविधान देकर सुव्यवस्था प्रदान की । जबकि उपनिषदों ने मानव मन में उभरने वाले अनेकों गम्भीर प्रश्नों का उत्तर देकर उसकी शंकाओं का समाधान किया । अब बारी थी एक सुव्यवस्थित समाज को आगे बढ़ाने की । जिसके लिए हमारे ऋषियों ने 16 संस्कारों का विधान […]