(लेखक: प्रा. डॉ. कुशलदेव शास्त्री) ______________________________________ सुप्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ ने राजा राममोहन राय की “ब्रह्मसमाज” की विरासत को आगे बढ़ाया, पर उनके कामों की विशेषता यह रही कि उन्होंने वेदों के अध्ययन को एक अविभाज्य अंग माना। उनके अनुसार प्राचीन हिन्दू धर्म ग्रंथों में हिब्रू धर्म ग्रंथों से भी अधिक […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म् ========= हम अपने नाम, माता-पिता तथा आचार्य आदि के नामों व सम्बन्धों से जाने पहचाने जाते हैं। हमें स्कूलों में यह नहीं बताया जाता है कि वस्तुतः व तत्वतः हम कौन हैं? हमारे पास देखने के लिए आंखें, सुनने के लिये कान, चलने के लिए पैर, सूंघने के नासिका तथा पदार्थों का स्वाद जानने […]
महाभारत का योद्धा अश्वत्थामा और कोरोना
महाभारत युद्ध में अपने पिता द्रोणाचार्य के धोखे से मारे जाने पर अश्वत्थामा बहुत क्रोधित हो गये। उन्होंने पांडव सेना पर एक बहुत ही भयानक अस्त्र “नारायण अस्त्र” छोड़ दिया। इसका कोई भी प्रतिकार नहीं कर सकता था।यह जिन लोगों के हाथ में हथियार हो और लड़ने के लिए कोशिश करता दिखे उस पर अग्नि […]
ग्रेनो । (संवाददाता ) आखिर जनपद गौतम बुद्ध नगर के डीएम रहे बीएन सिंह को उनकी कार्यशैली ले ही डूबी । लंबे समय से उनके कार्य व्यवहार से जनपद के लोगों में असंतोष था । वह स्वयं जनता की शिकायतों में रुचि नहीं दिखा रहे थे । कार्यालय में 11:00 बजे से पहले जन शिकायतें […]
ग्रेटर नोएडा । अधिवक्ता समाज में विशिष्ट स्थान बनाकर अपनी शानदार जिंदगी जीने वाले गिरवर सिंह अधिवक्ता को कल उनकी अरिष्टि के समय अधिवक्ताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने-अपने स्थानों पर रहते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की । इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री देवेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि दिवंगत आत्मा के […]
2005 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन प्रत्यक्ष तौर पर मलेरिया, कुपोषण और पेचिश की बढ़ती समस्याओं से जुड़ा है। अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन हर वर्ष 1,50,000 मौतों और अनेकों रोगों का कारण बनता है। 2070 ई. तक विश्व की लगभग 60 प्रतिशत […]
भारत में जितनी भी क्षत्रिय जातियां आज मिलती हैं वे सभी की सभी भारत की उस प्राचीन क्षत्रिय परंपरा की प्रतिनिधि हैं , जिसे हमारी वर्ण व्यवस्था में क्षत्रिय वर्ण के रूप में मान्यता दी गई थी । वास्तव में मनुष्य के तीन शत्रु माने गए हैं – अन्याय ,अज्ञान और अभाव। जहाँ ब्राह्मण वर्ण […]
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर
तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर, अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर! सुबह औ’ शाम के रंगे हुए गगन को चूमकर, तू सुन ज़मीन गा रही है कब से झूम-झूमकर, तू आ मेरा सिंगार कर, तू आ मुझे हसीन कर! अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन […]
– मोदी 33 करोड़ परिवारों के सदस्य नहीं मुखिया बन गये हैं प्रवीण गुगनानी कोरोना वायरस संकट के कारण देश में लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को देखते हुए मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके साथ ही मोदी जी ने जी 20 […]
– मुरली मनोहर श्रीवास्तव जिंदगी आज दो पाटों के बीच पीस रही है। चारो तरफ हाहाकार मची है। गांव से लेकर शहर तक सभी लोग अपने घरों, झोपड़ियों में कैदी की जिंदगी जी रहे हैं। अगर इसे हाई प्रोफाइल तरीके से देखी जाए तो पूरा देश ‘बिग बॉस’ के घर जैसा बनकर रह गया है। […]