ओ३म्==============परमात्मा ने 1.96 अरब वर्ष पूर्व इस संसार को बनाया था और तब से इसे चला रहा है। वह कभी सोता व आराम नहीं करता। यदि करता होता तो बहुत पहले इस संसार की प्रलय हो जाती। वह यह सब त्याग व पुरुषार्थ स्वाभाविक रूप से संसार के प्राणियों के लिये करता है। परोपकार का […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म्===========मनुष्य को मनुष्य मननशील होने के कारण से कहते हैं। मनन का अर्थ है सत्य व असत्य का विचार करने वाला दो पैरों वाला प्राणी। जो मनुष्य शिक्षित नहीं है, ज्ञानी नहीं है, जिसने वेद, उपनिषद, दर्शन, रामायण एवं महाभारत सहित सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, संस्कारविधि, आर्याभिविनय आदि ग्रन्थों को नहीं पढ़ा है, वह मनुष्य कुछ-कुछ सभ्य […]
ओ३म्==========देश इस समय अभूतपूर्व कठिन दौर से गुजर रहा है। देश में कोरोना महामारी का आतंक छाया हुआ है जिससे देश की शासन व्यवस्था तथा हमारे चिकित्सा से जुड़े चिकित्सक व नर्सों सहित हमारी पुलिस एवं अनेक लोग संघर्ष कर रहे हैं। सारा देश प्रधानमंत्री व शासन का साथ दे रहा है। कुछ भ्रमित लोग […]
ओ३म्============मनुष्य अल्पज्ञ प्राणी है। सभी लोग प्रायः सरकारी व निजी स्कूलों-कालेजों में पढ़ते हैं। भारत एक सेकुलर देश है। यहां मनुष्यों के शाश्वत व सनातन धर्म विषयक सत्य बातों की भी उपेक्षा की जाती है। उसे स्कूलों में पढ़ाया व बताया नहीं जाता जिसका परिणाम यह हुआ है कि अधिकांश हिन्दू बन्धु धर्म विषयक ज्ञान […]
सुबुद्धपाठक वृंद ! मैंने अपने पिछले लेख में लिखा था कि मनुष्य ब्रह्म और काया को देख नहीं पाता। आज इससे आगे की चर्चा करता हूँ कि क्यों नहीं विमोचन या देख पाता ? हमें ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में छिपे हुए चेतन एवं विभु दिखाई नहीं देते। लेकिन चेतन चेतना करता रहता है […]
हमारे देश ने अपनी स्वाधीनता की प्राप्ति के लिए और अपने वैदिक धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अनेकों बलिदान दिए हैं । सचमुच यहां के बलिदान विश्व इतिहास में बेजोड़ हैं । ऐसी – ऐसी घटनाएं घटित हुई हैं कि पढ़कर वसुनकर रोमांच हो जाता है। साथ ही अपने बलिदानी वीर पूर्वजों के […]
कई इतिहासकारों ने ऐसा माना है कि गुर्जर शासकों का धर्म मिहिर अर्थात सूर्य था । जिन लोगों ने अपनी ऐसी धारणा व्यक्त की है उन्हें यह ज्ञात होना चाहिए कि मिहिर या सूर्य कोई धर्म नहीं होता , अपितु यह एक देवता है । क्योंकि यह संसार को प्रकाश प्रदान करता है । हम […]
खल संग कलह भल नहीं प्रीति
डा. विक्रम साराभाई के जीवन की घटना है। सन 1948 में अहमदाबाद के महात्मा गांधी विज्ञान संस्थान में दो विद्यार्थी प्रयोगशाला में प्रयोग कर रहे थे। तभी प्रयोग करते समय अधिक विद्युत प्रवाह हो जाने से यंत्र जल गया। दोनों विद्यार्थी यह देखकर डर गये। उन्हें लगा कि अब गुरू जी की डांट पड़ेगी। थोड़ी […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार कोरोना महामारी संकट के दौरान देश के हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों को राहत दे रही है। मोदी सरकार ने कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का ऐलान किया था। इसके तहत जन धन खाता धारक 20 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कोरोना वायरस से फलते संक्रामण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन का सही उद्देश्य जानते हुए भी कई लोग इसका उल्लंघन करते हुए सड़कों पर नज़र आ रहे हैं। वहीं दूसरी और कोरोना से जंग में लगे डाक्टरों और परमेडिकल स्टाफ से अभद्रता और लॉकडाउन के दौरान […]