इदन्नमम् की सार्थक जीवन शैली ही विश्वशांति और विश्व कल्याण की एकमात्र कसौटी है। अभी तक हमने इसी विषय पर पूर्व में भी कई बार अपने विचार स्पष्ट किये हैं। अब इस अध्याय में पुन: कुछ थोड़ा विस्तार से अपने विचार इस विषय पर रखे जा रहे हैं। भर्तृहरि जी संसार में तीन प्रकार के […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
कोरोना विषाणु के कारण अभी तक विश्व स्तर पर 64 हजार से भी अधिक लोगों की मृत्यु, तो 12 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हुए हैं । भारत में यह महामारी न फैले; इसके लिए सरकार ने ‘जनता कर्फ्यू’, जमाबंदी, ‘लॉकडाऊन’, संचारबंदी आदि विविध उपाय कर देशभर के सभी धार्मिक स्थल भी बंद किए […]
घर वापसी को रोकने के लिए बनी थी तब लीग
-आर्यवीर पिछले दो सप्ताह के कुछ समाचारों को क्रमबद्ध रूप से पढ़िए। निजामुद्दीन दिल्ली में तब्लीग जमात के कार्यक्रम में हज़ारों लोगों का देश और विदेश से एकत्र होना। उनमें से कई सौ का कोरोना वायरस से पीड़ित होना। उन पीड़ितों का सारे देश में फैल जाना। उनमें से अनेकों की कोरोना से मौत हो […]
इस युद्ध से प्राचीन आर्य लोगों का वैभव सदा के लिए अस्त हो गया। ———————— [भूमिका : 31 जुलाई 1875 को पूना में इतिहास विषय पर दिए गए अपने भाषण में महर्षि दयानन्द जी ने महाभारत के समय की महत्त्वपूर्ण धटनाओं का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित बातें अपने श्रोताओं को सुनाई थीं। स्रोत : उपदेश-मंजरी […]
तबलीग , शुद्धि और इतिहास
आज हम तबलीग पर अंगुली उठा रहे हैं। परंतु आत्मावलोकन नहीं करते। तबलीग का काम पिछले 100 सालों से चल रहा है परंतु शुद्धि के नायक स्वामी श्रद्धानंद को भुला दिया गया। यदि हमने शुद्धि आन्दोलन को जारी रखा होता तो तबलीग का प्रभाव इतना अधिक नहीं होता। श्री एम0 मुजीब ने अपनी पुस्तक ‘दी […]
ओ३म् ========== वेदों में ईश्वर ने संसार के सभी मनुष्यों को यज्ञ करने की प्रेरणा की है। यज्ञ से रोगों व विषैले किटाणुओं का नाश होता है इसकी प्रेरणा भी ईश्वर ने की है। यज्ञ में आम्र की तथा कुछ अन्य वृक्षों की समिधाओं वा काष्ठों को जलाकर उसमें वेदमन्त्रों की जीवनोपयोगी प्रार्थनाओं को बोलकर […]
‘महाभारत’ नाम का ग्रंथ हमें इतिहास संबंधी जानकारी देने वाला ग्रंथ तो है ही , साथ ही वह जीवन को आध्यात्मिक , नैतिक , राजनैतिक और सामाजिक मूल्यों से भरने वाला ग्रंथ भी है। इस ग्रंथ के अध्ययन से हमें अपने वर्तमान के अनेकों स्थानों , नगरों ,कस्बों के प्राचीन नामों की जानकारी होती है […]
पिछले अध्याय में हमने स्पष्ट किया था कि भारतवर्ष में शासन करने वाले कुषाण वंशी शासकों के पूर्वज मूल रूप में भारतीय आर्यों की ही क्षत्रिय शाखा के लोग थे। जो देश , काल व परिस्थिति के अनुसार मध्य एशिया से चलकर भारत पहुंचे । जिन्हें यहाँ के क्षत्रिय समाज के लोगों ने अपने साथ […]
क्या है दान का महत्व ?
तैत्तिरीयोपनिषद में महर्षि ने स्नातकों के दीक्षांत समारोह के अवसर पर बतायी जाने वाली कुछ ऐसी बातों का उल्लेख किया है जिनसे हमारा जीवन व्यवहार सुधर सकता है और साथ-साथ ही संसार में प्रेमपथ का विस्तार हो सकता है। वह स्नातक से कहते हैं :- श्रद्घया देयम्। अश्रद्वया देयम्। श्रियादेयम। हिृया देयम्। भियादेयम्। संविदा देयम्। […]
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है । पिछले दिनों से चला रहा लॉक डाउन आगामी 15 अप्रैल को खोलने के संकेत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिए हैं । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर घोषित किया गया लॉकडाउन […]