आज के तथाकथित धर्माचार्य प्रमुख या धर्म के ठेकेदार मठाधीश बनकर समाज को गाय भैंस की भांति हांकने का कार्य कर रहे हैं । यह जनता जनार्दन द्वारा मिले सम्मान को अपनी बपौती मानकर देश का अहित करने से भी नहीं चूकते । यही कारण है कि मुरारी बापू जैसे ‘संत’ के बोल बिगड़ रहे […]