अशोक मधुप अमेरिका ने सोचा था कि तालिबान को काबुल फतह करने में 90 दिन लगेंगे, लेकिन इतनी जल्दी कब्जा हो जाएगा, ये किसी को भी गुमान नहीं था। अमेरिका द्वारा ट्रेंड अफगानिस्तान की फ़ौज हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर देगी, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता। अफगानिस्तान में अमेरिका सेना की मौजूदगी में […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
एक शोधपूर्ण प्रशंसनीय ग्रंथ मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा ‘भारत हजारों वर्षों की पराधीनता एक औपनिवेशिक भ्रमजाल’ में बड़े शोधपूर्ण ढंग से हमें बताया गया है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर मुस्लिम और ब्रिटिश शासन की अवधि कितने समय तक रही? इस सारणी को देखकर हमें पता चलता है कि भारत के हिंदू […]
देश के वीर क्रांतिकारियों और महान योद्धाओं के अनेकों बलिदानों के बाद जब 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली तो गांधी के ‘आशीर्वाद’ से देश का पहला प्रधानमंत्री बनने का ‘सौभाग्य’ पंडित जवाहरलाल नेहरू को मिला। देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने तब आधी रात को मिली आजादी की […]
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू कई बार अपनी विवादित टिप्पणियों के कारण चर्चा में आते रहते हैं। चर्चा में बने रहने के लिए लगता है वे स्वयं भी ऐसी बातें कहते रहते हैं। यद्यपि भारत के संविधान ने भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान कर प्रत्येक व्यक्ति को बोलने का संवैधानिक […]
इस पुस्तक की लेखिका सुनिता बापना जी हैं। विदुषी लेखिका ने इस पुस्तक के माध्यम से जनसामान्य को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि योग को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित न माना जाए। योग के व्यापक स्वरूप हैं और इसके जीवन के हर पहलू में उपयोग व प्रयोग हैं। जिन्हें हमें अपनी […]
प्रभुनाथ शुक्ल राजनीति में सुचिता का सवाल सबसे अहम मसला है। बेदाग छवि के राजनेता और चरित्र की राजनीति वर्तमान दौर में हासिए पर है। टीवी का वह विज्ञापन भारतीय राजनीति पर सटीक बैठता है कि ‘दाग अच्छे हैं’। देश में यह मुद्दा चर्चा का विषय रहा है कि राजनीति का अपराधीकरण क्यों हो […]
भारत की अध्यक्षता में बीते सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत ने दक्षिण चीन सागर मुद्दे पर चर्चा कराई थी, जिसे लेकर अब चीन आगबबूला हो गया है। बुधवार को चीन ने कहा कि विश्व निकाय की उच्चाधिकार प्राप्त इकाई यानी सुरक्षा परिषद विवादास्पद मुद्दे पर चर्चा […]
*जाति बनी वर्गः संविधान का कचूमर*
डॉ. वेदप्रताप वैदिक पिछले कई दिनों से संसद का काम-काज ठप्प है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच ठनी हुई है। विपक्ष के दर्जन भर से भी ज्यादा दल मोदी सरकार के विरुद्ध एकजुट होने में लगे हुए हैं। लेकिन मोदी सरकार ने क्या दांव मारा है कि सारा विपक्ष खुशी-खुशी कतारबद्ध हो गया है। […]
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे राहुल गांधी के बारे में सबसे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि वे अपनी पार्टी को इस समय अपने पैरों पर खड़ा करने में असफल रहे हैं। राजनीतिक रूप से लड़खड़ाती कांग्रेस किसी ऐसे नेता की बाट जोह रही है जो उसे वर्तमान दलदल से बाहर निकाल सके, लेकिन राहुल […]
महात्मा गांधी से भी पहले सत्याग्रह को भारतीय स्वाधीनता संग्राम का हथियार बना देने वाले विजय सिंह पथिक भी क्रांतिकारी साहित्यकारों की श्रेणी के महान व्यक्तित्व थे। पथिक जी क्रांतिकारी व सत्याग्रही होने के अलावा कवि, लेखक और पत्रकार भी थे। अजमेर से उन्होंने नव संदेश और राजस्थान संदेश के नाम से हिन्दी के अखबार […]