डॉ मृदुल कीर्ति भारत के आर्ष ग्रंथों की एक बेजोड़ और सशक्त व्याख्याकार हैं। उन्होंने नौ उपनिषदों की बहुत ही सुंदर सारगर्भित व्याख्या पद्यात्मक शैली में की है। ईशोपनिषद के विषय में हम पूर्व में ही लिख चुके हैं । इस बार केनोपनिषद पर उनके विचारों को सार संक्षेप में हम यहां प्रस्तुत कर रहे […]