गतांक से आगे… क्योंकि परमात्मा जानता है। कि मनुष्य कितनी जल्दी भ्रम में पड़ जाता है। इसलिए उसको भ्रम से बचाने के लिए वेदों में स्थान- स्थान पर चेतावनी दे दी है। इस गुप्तेन्द्रिय प्रकरण में भी वेद कहते हैं कि- मा शिश्रदेवा अपि गुॠ र्त नः (ऋग्वेद 7/21/5) अर्थात् है मनुष्यो !! शिक्ष को […]