क्या नशा करके मिलता बताओ ज़रा। लाभ दो-चार हमको गिनाओ ज़रा।। वंश परिवार की सारी इज्ज़त गई। बीवी विधवा की जैसी बेइज्ज़त भई। पूर्वजों को मिलीं गालियाँ- फब्तियाँ- माटी में मान अब ना मिलाओ ज़रा।। क्या नशा करके मिलता बताओ ज़रा। लाभ दो-चार हमको गिनाओ ज़रा।। बाप- माई की मुश्किल दवाई हुई। बाल-बच्चों की […]