सेहत से जुड़े लेखों में आपने इम्युनिटी शब्द कई बार पढ़ा होगा। इम्युनिटी यानी शरीर की रोगों से लडऩे की क्षमता। वह रक्षा कवच, जो खांसी-जुकाम और पेट व लिवर के संक्रमण से तो दूर रखता ही है, साथ ही कैंसर जैसे रोगों से भी शरीर का बचाव करता है। कैसे बढ़ा सकते हैं शरीर […]
Author: अमन आर्य
शाकाहारी भोजन में प्रोटीन की मात्रा ही कम नहीं होती, दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी हैं, जो पर्याप्त मात्रा में शरीर को नहीं मिल पाते। अगर शाकाहारी हैं तो आपके लिए डाइट में थोड़ा-सा बदलाव करके पोषक तत्वों का संतुलन बनाना जरूरी हो जाता है। आयरन: शरीर में आयरन की जरूरत हीमोग्लोबिन के निर्माण के […]
महर्षि दयानन्द के इतिहास विषयक एक उपदेश जिसमें उन्होंने महाभारत काल व उसके बाद देश में धर्म व अध्ययन अध्यापन पर प्रकाश डाला है, को हमनें अपने पूर्व लेख में प्रस्तुत किया था। उसी क्रम में उसके बाद देश में वेदाध्ययन को छोडक़र मूर्तिपूजा के प्रचलन विषयक घटी घटनाओं के इतिहास पर उनके उपदेश को […]
आओ, हिंदी की भी सोच लें भाई
-संजय द्विवेदी सितंबर का महीना आ रहा है। हिंदी की धूम मचेगी। सब अचानक हिंदी की सोचने लगेंगें। सरकारी विभागों में हिंदी पखवाड़े और हिंदी सप्ताह की चर्चा रहेगी। सब हिंदीमय और हिंदीपन से भरा हुआ। इतना हिंदी प्रेम देखकर आंखें भर आएंगी। वाह हिंदी और हम हिंदी वाले। लेकिन सितंबर बीतेगा और फिर वही […]
श्रीराम तिवारी आजकल गुजरात के पाटीदार -पटेल समाज में हार्दिक-हार्दिक की बड़ी धूम है। खबर है कि पांच-दस लाख लोग तो उसके एक इशारे पर ही सडक़ों पर निकल पड़ते हैं। उसकी लोकप्रियता से न केवल कांग्रेस के नेता परेशान हैं बल्कि भाजपा भी परेशान है। खबर तो यह भी है कि गुजरात की मुख्यमंत्री […]
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा दो दशक पहले सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे से अनेकानेक असंवैधानिक और मनमाने फैंसले जारी हुए। जिनके कारण अजा एवं अजजा के आरक्षण को मृतप्राय कर दिया गया था। हमने अजा/अजजा संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के बैनर पर देशभर में जनान्दोलन करके, संसद और सु्प्रीम कोर्ट का घेराव करके अधिकांश फैसलों को […]
तेरी काली करतूतों से तो, भरा पड़ा इतिहास।मंथरा दासी बनके राम को, दिलवाया बनवास। तू ही तो घाती जयचंद था, गोरी को दिया विश्वास।डच, यूनानी, गोरे आये, जिनका रहा तू खास। तुझको तो हत्या से काम, बूढा हो चाहे किशोर।जय हो चमचे चुगलखोर। घर दफ्तर विद्यालय, चाहे बैठा हो मंदिर में।किंतु कतरनी चलती रहती, तेरे […]
क्रोध विष है तो क्षमा अमृत है
डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ गुरुकुल में आचार्य शिष्यों को ज्ञान दे रहे थे, तभी एक जिज्ञासु शिष्य खड़ा हुआ और बोला— गुरुदेव, पृथ्वी पर सबसे भयंकर विष क्या है और सर्वसुलभ अमृत क्या है? गुरुदेव ने उत्तर दिया-वत्स, पृथ्वी पर सबसे भयंकर विष है क्रोध और सर्वसुलभ अमृत है क्षमा, किन्तुज् गुरुदेव गंभीर हो […]
भारत में सावन
सुरेन्द्र नाथ गुप्ता भारत में सावन और बरसात एक दूसरे के पर्याय हो गये हैं और यहाँ के सामाजिक जीवन के मनोभावों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन गये हैं। बरसात तो सारे विश्व में होती है परंतु सावन केवल भारत में ही आता है। संसार में कहीं तो नाम मात्र ही बरसात होती है, कहीं […]
पंकज घिल्डियाल पेरेंट्स का दबाव कहें या पीयर प्रेशर, अक्सर छात्र एडमिशन के वक्त असमंजस की स्थिति में देखे जाते हैं। यहां तक कि जब वक्त होता है अपने किसी मनचाहे कोर्स में दाखिले का तो उस वक्त वे किसी नामी कॉलेज को तरजीह देने लगते हैं। कॉलेज की बजाए कोर्स से क्यों न करें […]