सी.टी धरमुंबई। रूपये के अवमूल्यन को कम करने के सभी प्रयास के विफल होने के बाद, नीति निर्माताओं ने अब तिरूपति से लेकर शिरडी तक के मंदिरों के दरवाजे खटखटाने की योजना बनाई है, जिसमें स्वर्ण का आयात किये बिना भारतीयों की प्रिय वस्तु को पूरा करने का वरदान बनाना चाहा गया है।इस मामले के […]
Author: अमन आर्य
इसलाम और जीव दया-2
इसलाम और जीव दया गतांक से आगे…29 दिसंबर, 2006 को बकरा ईद के अवसर पर मुंबई के दैनिक उर्दू टाइम्स ने एक चौंका देने वाली रपट प्रकाशित की। इसका शीर्षक था-देवनार बकरा मंडी में कुरबानी के बकरों को शराब पिलाने की घटना। मुंबई के होमियौपैथ डा. फारूख सरखोत और बकरा व्यापारियों के द्वारा बकरों को […]
आज का चिंतन-09/10/2013
संतोषी स्वभाव अपनाएँ सत्य और ईमान पर चलने वाले – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com निरन्तर प्रतिस्पर्धा और फैशन के अंधानुकरण, भौतिकवादी सोच और दिखावों के चलन के साथ विकास की चकाचौंध में रमते जा रहे मौजूदा युग में सत्य, ईमान और धर्म का अवलंबन करते हुए जीवन विकास के क्रम को बनाये रखना मुश्किल […]
‘उगता भारत’ के वैचारिक पिता महाशय राजेन्द्र सिंह आर्य एवं पूज्यनीया माताजी श्रीमती सत्यवती आर्या की जयंती पर विशेष ओ३म् का जाप हृदय से करना चाहिए। मानव शरीर में हृदय इस प्रकार है जिस प्रकार इस दुनिया में सूर्य है। दोनों से नीली, पीली, हरी, लाल किरणें निकलती हैं। दोनों का आपस में संबंध है। […]
आज का चिंतन-07/10/2013
आज का चिंतन-07/10/2013 क्या औचित्य है ऎसे स्वागत का जो दिखावे के लिए हो – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com जनसंख्या विस्फोट की वजह से आजकल कई समस्याएँ पैदा हो गई हैं। सबसे बड़ी समस्या गुणवत्ता की उभर कर सामने आयी है। लोगों की भीड़ खूब बढ़ रही है लेकिन उस अनुपात में गुणात्मकता नहीं […]
मनीराम शर्माआपको ज्ञात ही है कि सरकारी सेवकों के वेतनमानों में संशोधन के लिए वेतन आयोग के सदस्यगण विदेशों का भ्रमण कर यह पता लगाते हैं कि वहाँ पर वेतनमानों की क्या स्थिति है और भारत में लोक सेवकों को विदेशों के सामान वेतनमान की अनुसंशा की जाती है। गत छठे वेतन आयोग के माध्यम […]
यहां राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा का जनपदीय सम्मेलन बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सांगोपांग वेद विद्या के प्रकांड विद्वान आचार्य परमदेव मीमांसक ने कहा कि हजारों मत पंथों अर्थात तथाकथित धर्मों से यह देश हिंदुस्तान बिखरा हुआ था। मुसलमानों की 700 से अधिक वर्षों की गुलामी से […]
आज का चिंतन-06/10/2013
मन से स्वीकारें स्त्री के वजूद को तभी है देवी उपासना का अधिकार – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com देवी उपासना का सीधा संबंध स्त्री के वजूद और परम व्यापक अस्तित्व की मन से स्वीकार्यता से जुड़ा है जहाँ स्त्री को अपने से ऊपर और अपेक्षाकृत अधिक शक्तिमान स्वीकारा गया है और यह साफ-साफ कह […]
मुजफ्फरनगर दंगों का असली गुनाहगार कौन है
रज्जाक अहमद मुजफ्फ रनगर शहर व देहात में दंगा कैसे हुआ? अब इस पर से पर्दा उठ चुका है। इसका असली गुनाहगार कौन-कौन हैं? यह सबके सामने है। 27 अगस्त को मामूली छेड़छाड़ से शुरू हुआ दंगा जिसमें तीन जानें चली गयी थी उसमें दोशियों के खिलाफ निश्पक्ष व कड़ी कार्यवाही हो जाती तो षायद […]
गुरू मन्त्र ओ३म भुर्भूव: स्व:। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचादयात ।। महेन्द्र सिंह आर्ययह मंत्र संसार के सब गुरू मंत्रों का गुरू मंत्र है। इस मंत्र की बराबरी संसार कोई का कोई भी गुरू मंत्र नही कर सकता। क्योंकि इस गुरू मंत्र का सृष्टा, दृष्टा व नियंता आप सच्चिदानंदस्वरूप निराकार, निर्विकार, सर्वज्ञ, […]