शोरगुल से खुश नहीं होती देवी श्रद्धा-भक्ति व शांति अपनाएँ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आज से पूरा देश नवरात्रि में लग जाएगा। शक्ति उपासना का यह परम पर्व देवी मैया को खुश करने और शक्ति संचय करने का मौका है जिसमें विविध उपचारों और विधि-विधानों से देवी मैया की साधना होती है। हम […]
Author: अमन आर्य
दिनेश चंद्र त्यागीलोकसभा में सबसे अधिक मुस्लिम सांसद इंदिरा गांधी के समय थे। 1977 में केन्द्र की सत्ता से किनारे लगाये जाने बाद इंदिरा गांधी 1980 के लोकसभा चुनाव में फिर सत्ता में आ गयी।उस 1980 के लोकसभा चुनाव में 49 मुस्लिम जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे।इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव […]
आज का चिंतन-04/10/2013
पितरों के प्रति श्रद्धा समर्पित करें अमावास्या का श्राद्ध जरूर करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com श्रद्धा से लेकर श्राद्ध तक की यात्रा में अब संवेदनशीलता और कौटुम्बिक आत्मीयता की गंध गायब होती जा रही है। अब हम जो कुछ कर रहे हैं उसमें न परंपराओं और विधि-विधानों का पालन हो रहा है, […]
देश का युवा राहुल के नही मोदी के साथ
राकेश कुमार आर्य भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रैली ने उनकी अब तक की पूर्व की रैलियों के अनुसार एक बार फिर सिद्घ कर दिया है कि देश का युवा कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी की ओर आकर्षित न होकर मोदी की ओर आकर्षित हो […]
आज का चिंतन-03/10/2013
इंसान से भी गए बीते हैं वे जो खुद को भगवान समझते हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com पिछले कुछ समय से स्वयंभू लोगों की हमारे यहाँ जबरदस्त बाढ़ आयी हुई है। इनमें सभी धंधों, गोरखधंधों, वर्गों, क्षेत्रों और हुनरों वाले लोग हैं जो स्वयंभू बने हुए अपने आपको भगवान से कम नहीं समझते […]
राकेश कुमार आर्य वैदिक संस्कृति संसार की सर्वोत्तम संस्कृति है। इस संस्कृति ने अहिंसा को धर्म के दस लक्षणों में जीवन को उन्नतिशील बनाने वाले दस यम नियमों में प्रमुख स्थान दिया है। इसने दुष्ट की दुष्टता के दमन के लिए मन्यु की अर्थात सात्विक क्रोध की तो कामना की है, परंतु अक्रोध को धर्म के ही […]
इसलाम और जीव दया-1
गतांक से आगे…उक्त पशु की कुरबानी होगी, यह तो एक वास्तविकता है, लेकिन उसे जिन रास्तों से गुजरना पड़ता है उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। एक ट्रक में कितने बकरे, भेड़ अथवा गऊ वंश ले जाए जा सकते हैं, उनके लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। लेकिन यदि आप किसी ट्रक को […]
आज का चिंतन-01/10/2013
जीवन में अनुकूलता पाने करें वैचारिक तरंगों का इस्तेमाल – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हमारा पूरा जीवन अदृश्य अनुनादों और तरंगों पर केन्दि्रत है जिनका ऊपरी तौर पर कोई संबंध नहीं दिखता लेकिन सूक्ष्म धरातल पर जाने पर अक्षर ब्रह्म, तरंगों और अनुनादों की अवधारणा को पूरी तरह स्वीेकारना ही होगा। अदृश्य तरंगों से […]
डॉ. मधुसूदन (एक) प्रवेश:शीर्षक देने में, कुछ कठिनाई, अनुभव कर रहा हूँ। यदि प्रश्न उठाए जाएंगे, तो और उत्तर ढूंढने का प्रामाणिक प्रयास किया जाएगा।वैसे यह विषय एक से अधिक आलेखों के लिए उचित है।आ.गङ्गानन्द जी के,अनुरोध पर , इस आलेख में, “पश्चिमी सभ्यता (संस्कृति?) के उन पहलुओं पर रोशनी डालनेका प्रयास किया है, जिन्हों ने उसे आज कीदुनिया […]
राष्ट्रधर्म के ओजस्वी कवि दिनकर
राष्ट्रधर्म के ओजस्वी कवि दिनकर राष्ट्रीय चेतना के मंत्र हैं उनकी रचनाएं – अनिता महेचा, जैसलमेर मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के प्रथम राष्ट्र कवि थे तो दिनकर उनके सच्चे उत्तराधिकारी थे। गुप्तजी की राष्ट्रीयता में सांस्कृतिक तत्त्व गहरा था, उसी का एक व्यापक पक्ष हमें दिनकर के काव्य में दृष्टिगत होता है। दिनकर ने प्रारंभ से […]