सांसारिक संबंध और हमारे जीवन की क्षणभंगुरता

images (47)
     जब आप संसार में रहते हैं, तब आपके संबंध अनेक व्यक्तियों के साथ होते हैं। जैसे माता पिता भाई बहन चाचा चाची इत्यादि। *"परंतु ये संबंध तभी तक रहते हैं, जब तक आप जीवित हैं। जीवन समाप्त होते ही अर्थात शरीर छोड़ते ही आपके ये सारे संबंध भी समाप्त हो जाते हैं। क्योंकि आप आत्मा हैं, शरीर नहीं।"*
     *"एक आत्मा के ही दूसरी आत्मा के साथ संबंध होते हैं, शरीर तो केवल इन संबंधों को निभाने का एक साधन मात्र है।"* और ये माता-पिता भाई-बहन आदि जो संबंध हैं, ये ईश्वर ने बनाए हैं, ताकि आप दूसरों से सहायता ले सकें और दूसरों की सहायता कर सकें। *"यह सब सहायता लेने देने से व्यक्ति को शक्ति सामर्थ्य बल उत्साह तथा अन्य भी अनेक प्रकार का सहयोग मिलता है, और वह धीरे धीरे सांसारिक उन्नति करता हुआ अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष तक पहुंच जाता है।"*
   यदि दूसरों का सहयोग न मिले, तो व्यक्ति अकेला नहीं जी सकता, और कोई विशेष उन्नति भी नहीं कर सकता। इसलिए ईश्वर ने यह व्यवस्था बनाई है। *"लोग ईश्वर की इस व्यवस्था को ठीक प्रकार से नहीं समझते। इसलिए वे अविद्या के कारण ऐसा मान लेते हैं, कि हमारे संबंध तो हमेशा बने रहेंगे, मरने के बाद भी जन्मों-जन्मों तक हम एक दूसरे के साथ संबंध निभाते रहेंगे।"* ऐसा मानना अविद्या है, अविद्या से बचें।
      वेदों के अनुसार सत्य तो यही है, कि *"मृत्यु के बाद हमारे आपके सारे संबंध समाप्त हो जाते हैं। और क्योंकि जब तक मोक्ष की योग्यता नहीं बन जाती, तब तक प्रत्येक आत्मा को बार-बार जन्म लेना पड़ता है। उसके कर्मों के आधार पर ईश्वर उसे जन्म देता रहता है। प्रत्येक व्यक्ति के कर्म अलग-अलग स्तर के होते हैं। कर्मों का स्तर अलग-अलग होने से इस जन्म के पति पत्नी आदि का संबंध अगले जन्म में फिर से नहीं बन पाता। ईश्वर कर्मानुसार पति को कहीं जन्म देता है, और पत्नी को कहीं और देता है। किसी को मनुष्य बनाता है, किसी को पशु पक्षी बनाता है। इसलिए पूर्व जन्म के संबंधियों का अगले जन्म में फिर से संबंध नहीं बन पाता। इसलिए सारे संबंध इसी जन्म तक ही रह पाते हैं।"* यह जो लोग कहते हैं, *"पति पत्नी का 7 जन्मों का संबंध होता है."* यह बिना प्रमाण की बात है, केवल मनोरंजन के लिए लोग ऐसा कह देते हैं। 
      *"कहने का सार यह हुआ कि *"किन्हीं भी दो व्यक्तियों का संबंध इसी जन्म तक होता है, और उनके कर्मों की भिन्नता के कारण अगले जन्म में उनके संबंध नहीं रहते।" "अतः मृत्यु के बाद भी यदि किसी से संबंध रह सकता है, तो वह केवल ईश्वर है।" "क्योंकि अनादि काल से वह हमारा माता पिता गुरु आचार्य राजा न्यायाधीश और उपास्य (उपासना करने योग्य) आदि है। हम उसके पुत्र संतान उसके शिष्य और उसकी प्रजा हैं।"*
      *"क्योंकि आप के कर्मों के आधार पर मृत्यु के बाद भी ईश्वर आपको अगला जन्म देता है। इससे पता चलता है, कि मृत्यु के बाद भी आप का उससे संबंध नहीं टूटा।" "एक राजा होने के नाते से उसने आपको आपके कर्मानुसार अगला जन्म दिया।" "इस प्रकार से अनेक जन्मों तक पुरुषार्थ करते-करते आत्मा मोक्ष तक पहुंच जाता है, और उसे ईश्वर ही मोक्ष तक पहुंचाता है।"*
      *"इसलिए यदि किसी पदार्थ के साथ मृत्यु के बाद भी संबंध रखना हो, तो ईश्वर के साथ रखें। वही आपको सांसारिक सुख भी देगा, और वही आपको मोक्ष भी देगा।"*
        *"अतः ईश्वर के संविधान वेदों को पढ़कर अपने ज्ञान को शुद्ध करें, उसके अनुसार व्यवहार करें, संसार में भी सुख से जिएं, और मोक्ष की प्राप्ति भी करें। मोक्ष में आपको ईश्वर का सर्वोत्तम आनन्द भी प्राप्त होगा, और एक भी दुख नहीं भोगना पड़ेगा। क्योंकि मोक्ष होने के बाद भी ईश्वर से आपका संबंध बना रहेगा।"*

—- “स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक – दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात.”

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
hititbet
hititbet
Tuzla İpek Kirpik
betnano
hititbet giriş
hititbet
betnano
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
hititbet
hititbet
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
meritbet
bets10
meritbet
bets10
betnano
bets10
bets10
betnano
betnano
atlasbet
atlasbet
betnano
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betyap giriş
hititbet giriş
xslot giriş
xslot giriş
betpark giriş
betnano
betnano
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
betkom giriş
betkom giriş
grandpashabet
betgaranti giriş
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti güncel giriş