Categories
आओ कुछ जाने

भारतीय संस्कृति के कण कण में बसे हैं महर्षि वाल्मीकि

तारकेश कुमार ओझा

आधुनिकता के उच्चतम शिखर पर जहां आज भी मानव जीवन के चिह्न नदारद हो वहां सदियों पहले मानवीय दिनचर्या की उपस्थिति किसी को भी देवत्व प्रदान करने के लिए पर्याप्त है, क्योंकि अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में सामान्य जीवन यापन व सात्विक क्रियाकलाप कोई सहज कार्य नहीं।
हम बात कर रहे हैं पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत नयाग्राम के तपोवन की। इस अत्यंत दुर्गम वन क्षेत्र में कुछ ऐसे अवशेष अब भी बचे हैं जो त्रेता युग की स्मृतियां प्रस्तुत करती है। लोक आस्था व जनश्रुति है कि भगवान श्रीराम द्वारा परित्याग किए जाने के बाद देवी सीता ने इसी तपोवन में अज्ञातवास व्यतीत किया था। वाल्मिकी की देख-रेख में लव-कुश यहीं पले-बढ़े थे।
कभी माओवादियों के चंगुल में रहे नयाग्राम के वनाच्छादित तपोवन को देख कर पहली नजर में लगता है मानो यह शाल, सागवान व विशाल बरगद पेड़ों का कोई देश है। आज भी निर्जन से नजर आने वाले इस घने जंगल में बीच-बीच में नजर आने वाला “हाथियों के गुजरने का मार्ग’ लिखा बोर्ड संकेत देता है कि आज भी यहां मानव जीवन सहज सरल नहीं है। इसी जंगल के बीच स्थित है तपोवन का वाल्मिकी आश्रम। जिसे देख कर आश्चर्यचकित हो जाना पड़ता है।
जनश्रुति के अनुरूप ही परिसर के भीतर लव-कुश मंदिर, वाल्मिकी समाधि और हवन कुंड आदि नजर आता है। सदियों पहले आखिर कौन रहता था यहां और किसके लिए संभव थी उपासना। आश्रम के पास ही सीता नाला स्थित है। अत्यंत क्षीण हो चुकी इस जलधारा का पानी इतना साफ है कि नीचे की मिट्टी भी साफ दिखाई पड़ती है। यही नहीं इस जलधारा का पानी हल्का पीलापन लिए हुए हैं।

ऐसी मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान देवी सीता लव-कुश को इसी जलधारा में हल्दी का लेप लगा कर स्नान कराया करती थीं। इसी वजह से इस जलधारा का पानी आज भी पीला है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इसकी बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी जहां पीलापन लिए हुए हैं, वहीं भीषण गर्मी में भी जब दूसरे नदी-नाले सूख जाया करते हैं, इसका पानी अजस्त्र रूप में बहता ही रहता है। जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भूखे प्यासे असंख्य जीव-जंतुओं की तृष्णा को शांत करता है। इस स्थान पर वाल्मिकी हवन कुंड है। स्थानीय पुजारी काशीनाथ दास बताते हैं कि यह हवन कुंड सदियों से अविराम रूप से प्रज्जवलित है।
यही नहीं आश्रम परिसर से महज तीन किलोमीटर दूर हनुमानधुनी है। जनश्रुति है कि सीता के अज्ञातवास के दौरान भगवान हनुमान यहां ध्यान किया करते थे। हाथियों व जहरीले सांपों के आतंक के चलते यह स्थान आज भी इतना दुर्गम है कि दिन के वक्त भी कोई वहां जाने का साहस नहीं कर पाता। यहीं नहीं इस स्थान पर कभी दूध कुंड भी हुआ करता था। लोग बताते हैं कि यहां मिट्टी से दूध निकलता था। जिसे ध्यान करने आने वाले योगी पान भी करते थे। पिछले कुछ वर्षों से मिट्टी से दूध निकलना बंद हो गया है। समझा जाता है कि हाथियों के आने-जाने के फलस्वरूप भारी वजन से दब जाने से ऐसा हुआ। जनश्रुति तपोवन के नजदीक ही लव-कुश द्वारा अश्वमेघ का घोड़ा रोके जाने का दावा भी करती है। यही नहीं तपोवन में कई ऐसी चीजें है जिनके सीता व लव-कुश के अज्ञातवास का साक्षी होने का दावा किया जाता है। वर्ष 2008 से 2011 तक यह क्षेत्र पूरी तरह से माओवादियों के कब्जे में रहा था। वाल्मिकी आश्रम की पवित्रता जस की तस कायम रही।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
Kolaybet Giriş
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
bettilt giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti
kolaybet giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
betnano güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet
sahabet
sahabet
kolaybet giriş
Kolaybet Giriş
betgaranti giriş
casibom giriş
betgaranti giriş
holiganbet
sahabet
sahabet
onwin
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
holiganbet
onwin
onwin
onwin
grandpashabet giriş
sahabet giriş
onwin giriş
bettilt giriş
Betgaranti
sahabet giriş
sahabet giriş
betgaranti
norabahis giriş
norabahis giriş
betgaranti giriş
tipobet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
Kolaybet Giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
onwin giriş
onwin giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
onwin giriş
onwin giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
grandpashabet giriş