चीन के लिए भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत क्यों थे सबसे बड़ा खतरा ?

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चीन के लिए क्यो थे बिपिन रावत सबसे बड़ा खतरा, क्यो बिपिन रावत और मोदी ने मिलके चीन की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी*

👆पूरी वीडियो देख के समझिए, क्यो सबसे बड़ा शक चीन के ऊपर ही इस पूरी शाजिश का
चीन अपने दो पड़ोसी देशों को अपना निकटतम दुश्मन मानता है। एक है भारत और दूसरा है ताइवान। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि ताइवान और भारत के सेना प्रमुख हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ही मारे गयें। यह सिर्फै संयोग नहीं है। यह चीन की कारस्तानी का एक प्रमाण है। यह माना जाना चाहिए कि हमारे दिवंगत सेना प्रमुख बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चीन ने अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर दुर्घटना को अंजाम दिया है। चीन अपने विरोधी देशों पर तरह-तरह के हमले करने के लिए कुख्यात रहा है। टेक्नोलॉजी उसका सबसे बड़ा हथियार है। चीन ने धमकी दी थी कि भारत उसे उकसाये नही तो फिर भारत का दुष्परिणाम झेलना पडेगा। जनरल बिपिन रावत की ही करिशमा का सुखद परिणाम था कि चीन सामरिक महाशक्ति होने के बावजूद भी भारतीय सेना को झूका नहीं सका था और भारतीय सेना अदम्य साहस का परिचय देकर चीन की सैनिकों को पीछे हटने के लिए विवश किया था।
ताइवान कभी चीन का ही हिस्सा था। माओत्से तुंग ने जब चीन पर अपना कब्जा जमाया तो फिर ताइवान अलग हो गया। आज ताइवान का स्वतंत्र अस्तित्व है। ताइवान का स्वतंत्र अस्तित्व चीन को स्वीकार नहीं है और चीन को अखरता है। ताइवान को मिटाने की चीन भरपूर कोशिश करता है। ताइवान के सेना अध्यक्ष ने चीन को चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला किया तो फिर चीन को भारी नुकसान पहुंचाया जायेगा। इसके कुछ ही दिनों के बाद ताइवान के सेना प्रमुख का हेलीकाप्टर बिपिन रावत जी के हेलीकाप्टर की तरह ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ताइवान के सेना प्रमुख अपने कई जनरलों सहित मारे गये थे।
चीन ने ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित की है जो बिना हमला किये ही किसी विमान और हेलीकाप्टर में गड़बड़ी पैदा कर दुर्घटना को अंजाम दे सकता है। विमान और हेलीकाप्टर सेंसेटिव होते हैं, कंपंयूटराइज होते हैं। सेंसेटिव होने और कंपयूटराइज होने के कारण साइवर क्राइम की तरह आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। ताइवान का जब हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और ताइवान का सेना प्रमुख मारे गये थे तब भी चीन की इस टेक्नोलॉजी करतूत की ओर उंगली उठायी गयी थी।
हमारी सेना के अंदर चीन-पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों के गुलामों की घुसपैठ कम नहीं है। हर साल कई लोग पाकिस्तान को सूचना देने के आरोप में पकड़े जाते हैं। चीन और पाकिस्तान के लिए काम करने वाले लोग भी आसानी से हेलीकाप्टर में छेड़खानी कर दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं। कोई अदना सा टेक्निशियन भी किसी हेलीकॉप्टर या विमान में छेड़खानी कर सकता है। चीन और पाकिस्तान से पैसे लेकर भारतीय सेना में काम करने वाले टेक्नेशियन और अन्य जासूस भी बिपिन रावत के हेलीकाप्टर में छेड़खानी की होगी।
हमारी सेना की समस्या यह है कि सेना के पास अधिकतर सामान चीनी है। कांग्रेस की सरकार में चीनी उपकरणों की खरीद बड़े पैमाने पर हुर्इ्र थी। चीनी उपकरण जासूसी का भी एक बड़ा साधन होता है। चीन अपने उत्पादित उपकरणों से दुनिया की जासूसी भी करता है। अपने उपकरणों के माध्यम से चीन दुश्मन देश की सेना पर साइवर हमले भी करता है। अभी भी भारतीय सेना के दूरसंचार और अन्य विंग में चीनी उपकरणों की भरमार है। ऐसी खबरें आती ही रहती है।
अब प्रश्न जांच को लेकर है। लोग बोल रहे हैं कि जांच गंभीर होनी चाहिए और जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसे सजा मिलनी चाहिए। विपिन रावत जी की हेलीकॉप्टर दुर्धटना की गंभीर जांच होगी, इसमें कोई किन्तु-परंतु की बात नहीं है। नरेन्द्र मोदी सरकार जांच कराकर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचेगी। लेकिन समस्या यह है कि अगर चीन दोषी पाया गया तो भी सरकार इसे जाहिर नहीं करेगी, सार्वजनिक नहीं करेगी। आखिर क्यों? इसलिए कि चीन की कारस्तानी जाहिर करने के बाद चीन पर हमला करने और चीन को सबक सिखाने का भारी दबाव नरेन्द्र मोदी सरकार के उपर होगा। नरेन्द्र मोदी की समस्या यह है कि सेना जर्जर स्थिति में हैं। चीन से लड़ने के लिए हमारे पास उन्नत हथियार नहीं है। नेहरू के जमाने से ही कांग्रेस ने सेना को बुरी स्थिति में खड़ा कर रखा है। नरेन्द्र मोदी सेना को नये हथियारों से सुसज्जित भी कर रहे हैं। लेकिन जानना यह भी जरूरी है कि हथियार तुरंत नहीं मिलते हैं। हथियार सौदे में दो तीन साल लग जाते हैं। समझौता होने के बाद भी हथियार मिलने में पांच साल से अधिक का समय लग जाता है। राफेल अभी तक पूरे नहीं मिले हैं। इसके बाद भारत में सेना को बदनाम करने और सेना को हथियार से वंचित करने की नीति भी चलती है। राफेल खरीद पर विरोधी राजनीति कैसी रही है, यह भी जगजाहिर है।
अब नागरिक कर्तव्य की बात। नागरिकों को देश के खासकर आतंरिक दुश्मनों से सावधान रहना होगा, आतंरिक दुश्मनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की जरूरत है। विपिन रावत जी की मृत्यु पर देश के दुश्मन खुशी मना रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट मैच जीतता है तो दुश्मन भारत में पटाखे फोडते हैं, हिंसा करते हैं। भारतीय सेना की जासूसी करने वाले और भारतीय सेना की जानकारियां पाकिस्तान और चीन के पास पहुंचाने वाले भी देश के नागरिक ही होते हैं। ऐसे लोगों से नागरिकता छिनी जानी चाहिए।
फिर भी मोदी सरकार की जिम्मेदारी यह बनती है कि बिपिन रावत जी के हेलीकॉप्टर दुघर्टना की सच्चाई सामने लायें और देश के दुश्मनों का विध्वंस करें। हमें नरेन्द्र मोदी से बहुत उम्मीद है। भारतीय सेना पर हमें गर्व है। बिपिन रावत जी की वीरता पर हमें गर्व है। बिपिन रावत की वीरता और देशभक्ति को देश हमेशा याद करेगा।
सोशल मीडिया से साभार

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