Categories
Uncategorised आओ कुछ जाने

अद्भुत अनोखी आवल नाल

_________________

(यह लेख उनके लिए जो भगवान को नहीं मानते या केवल मां को ही भगवान मानते हैं)

जगत शिल्पी निराकार सर्व शक्तिमान दयालु परमात्मा की व्यवस्था अनंत ब्रह्मांड से लेकर माता की कोख तक कार्य कर रही है…!

इस संसार में हर स्तनधारी जीव प्रसव करता है अर्थात बच्चे को जन्म देता है जन्म से पूर्व बच्चा अपनी माता की कोख में पलता है.. कोख जिसे यूट्रस गर्भाशय या बच्चादानी भी कहते हैं अंग्रेजी में इस womb कहते है|

गर्भाधान की जैविक प्रक्रिया के पश्चात जब गर्भ निश्चित हो जाता है तो गर्भावस्था के शुरुआती सप्ताह में माता तथा भ्रूण की कोशिकाओं के सहयोग से एक अनूठे अस्थाई अंग का निर्माण होता है केवल 36 सप्ताह के लिए.. फंक्शन रहता है| जिसे आवल नाल प्लेसेंटा या जेर… कहते है ..यह आवल प्लेसेंटा गर्भ के 9 महीने माता व शिशु के बीच बिचौलिए का काम करती है.. शिशु का विकास इसी आवल की सहायता से होता है शिशु को खून की सप्लाई ऑक्सीजन सप्लाई पोषक तत्वों की आपूर्ति इतना ही नहीं शिशु के विकास के साथ साथ गर्भाशय के आकार में वृद्धि भी इसी के माध्यम से होती है नाशपाती के आकार की कोख बड़े तरबूज जितनी हो जाती है.. इस आवल का माता के शरीर से अलग अपना एक रक्त ऑक्सीजन परिसंचरण तंत्र होता है!

मां के शरीर में कितना ही जबरदस्त इंफेक्शन हो जाए वह शिशु तक नहीं पहुंच पाता इस आवल के कारण..| यदि यह 7 इंच डिस्क आकार 1 इंच मोटी 500 ग्राम वजनी आवल या जेर ना होती जिसे हम महज मांस लोथड़ा समझते हैं तो मानव शिशु को उसकी माता का इम्यून सिस्टम ही बर्बाद कर देता.. माता की गर्भावस्था की पीड़ा को कम करने तथा शिशु व कोख की सुरक्षा के लिए यह आवल जरूरी हार्मोन बनाती है जिनका आज भी कोई विकल्प नहीं है… शिशु 24 इंच लंबी नाल के सहारे जिसमें धमनी व शिरा होती हैं अंबिलिकल कॉर्ड कहा जाता है इस आवल से जुड़ा होता है… इतना ही नहीं शिशु एक थैली भी बंद होता है जिसमें पोषक तरल पानी भरा होता है प्रसव से पूर्व यही झिल्ली फटती है .. इसी तरह की सहायता से शिशु गर्भ में आसानी से मूवमेंट करता है किसी बाहरी आघात का उस पर असर ना हो… उस तरल अर्थात एमनीओटिक फ्लूइड को भी यह आवल बनाती है..!

हमारे ऋषि बहुत मेधावी थे उन्होंने इस आवल जैसे अनूठे अंग की महत्ता को समझ कर … गर्भावस्था के दूसरे या तीसरे महीने में #पुंसवन_संस्कार निश्चित किया था…. ठीक इसी समय यह प्लेसेंटा अर्थात आवल गर्भ में कार्य करने लगती है शिशु को पोषण सुरक्षा प्रदान करने लगती है… गर्भाशय की दीवार से यह चिपकी रहती है| गर्भावस्था के 36 से 40 सप्ताह जब शिशु का जन्म होता है तो शिशु के जन्म के 10 या 30 मिनट पश्चात यह आवल मनुष्यों में माता के शरीर से कोख से बहार धकेल दी जाती है… गाय भैंस आदि पशुओं में 4 से लेकर कभी-कभी 24 घंटे भी लग जाते हैं इस आवल अर्थात जेर को गर्भाशय से बाहर निकलने में..| बड़े से बड़ा #गाइनेकोलॉजिस्ट चिकित्सक इसी प्लेसेंटा के आकार पर शिशु के विकास का आकलन करता है… गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड #सोनोग्राफी से प्लेसेंटा की कोख में स्थिति का अध्ययन किया जाता है… लेकिन डॉक्टर क्या, वैज्ञानिक भी प्लेसेंटा को पूरी तरह समझ नहीं पाए है |

जब गांव देहात में पहले घर पर ही प्राकृतिक प्रसव होता था तो गांव घर परिवार की बुजुर्ग महिलाएं इस आवल अर्थात प्लेसेंटा अंग को घर के आंगन या किसी कोने में जमीन में गहरा गाड़ देती थी सम्मान पूर्वक… वह जानती थी की नारी की गर्भावस्था के दौरान 9 महीने के लिए कोख की व्यवस्था को संभालने वाला यह अस्थाई अंग बेकार महत्वहीन नहीं है… आवल ने ही गर्भस्थ शिशु का पालन पोषण ,रक्षण किया है विधाता की इस अनूठी व्यवस्था में उसने मां व शिशु के बीच में इस अंग को स्थापित किया है… माता को तो गर्भ का पता ही नहीं चलता कब क्या घटित हो रहा है… 4 महीने का मानव शिशु महज 3 इंच लंबा 6 ग्राम का होता है.. उसे शिशु भी ना कहकर भ्रूण ही कहा जाता है इसी आवल अर्थात प्लेसेंटा से मानव शिशु पोषण पाकर 3 किलो से अधिक वजनी 1 फुट से अधिक लंबा हो जाता है..|

सचमुच वह परमपिता परमेश्वर माताओं की भी माता है हमें जन्म देने वाली हमारी संसार की माता उस माता के बगैर गर्भ तो क्या गर्भ के बाहर भी हमारा पालन-पोषण नहीं कर सकती…!

*आर्य सागर खारी* ✍️✍️✍️

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hitit medya
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet güncel adres
hititbet 2026
hititbet giriş
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
solobet giriş
hititbet giriş
kralbet
betnano
betnano
betnano
kralbet
kralbet
kralbet
setrabet
setrabet
kralbet
hititbet
hititbet
Tuzla Cilt Bakım
İstanbul Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla Lenf Drenaj
Kolaybet Giriş
Betgaranti Giriş
kralbet
kralbet
betnano
betnano
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
Hititbet Giriş
kralbet
betnano
kralbet
Hititbet App
hititbet giriş
hititbet
meritking giriş
matbet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
kralbet
kralbet
betnano
betnano
kralbet
kralbet
imajbet giriş
xslot giriş
betvole giriş
betvole giriş
betvole giriş
betvole giriş
gobahis giriş
betpark giriş
betpark giriş
sahabet giriş
onwin giriş
sahabet giriş
grandpashabet
grandpashabet
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
xslot giriş
xslot giriş
sahabet
sahabet
xslot giriş
xslot giriş