संबंधों में मित्रता की मिठास का एहसास कराते ऑस्ट्रेलिया और भारत

india-and-audralia (1)

 

अरविंद जयतिलक

गत दिवस पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्काॅट मारिसन के बीच संपन्न हुए पहले वर्चुअल शिखर सम्मेलन ने दोनों देशों के रिश्ते को मिठास से भर दिया है। दोनों देशों ने कोरोना महामारी से निपटने के अलावा सात महत्वपूर्ण समझौते को आयाम दिया है। इन समझौतों के मुताबिक अब दोनों देशों की सेनाएं हिंद प्रशांत क्षेत्र में एकदूसरे के ठिकानों का इस्तेमाल, हथियारों की मरम्मत और आपूर्ति के लिए कर सकेंगी। उल्लेखनीय है कि चीन की घेराबंदी के लिए भारत ऐसा ही करार अमेरिका, फ्रांस और सिंगापुर के साथ कर चुका है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच साइबर, तकनीक, खनन और खनिज, सैन्य तकनीक, व्यवसायिक शिक्षा और जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जतायी है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधा जोड़ते हुए मिलकर लड़ने का संकल्प व्यक्त किया है। गौर करें तो भारत और आस्ट्रेलिया दो बहुसांस्कृतिक एवं बहुलतावादी लोकतांत्रिक देश हैं। विश्व स्तर पर भू-सामरिक एवं भू-आर्थिक संदर्भों में दोनों देशों की अहम भूमिका रही है। परपरांगत लगाव और द्विपक्षीय विवादास्पद मुद्दों के अभाव के अलावा दोनों देश सुरक्षा एवं विश्व व्यवस्था के संदर्भ में समय-समय पर निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। आतंकवाद के मसले पर दोनों देशों का नजरिया स्पष्ट है। अतीत के गर्भ में जाएं तो शीतयुद्ध के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध आकर्षणपूर्ण नहीं रहे। उपनिवेशवाद से एक लंबे संघर्ष के बाद जब भारत स्वतंत्र हुआ तब उसने सैन्य गठबंधनों से दूर रहने के लिए गुटनिरपेक्षता की नीति अपनायी तो आस्ट्रेलिया ने भारत की इस नीति को मूर्खतापूर्ण करार दिया। लेकिन जब-जब आस्ट्रेलिया में मजदूर दल का शासन आया तब-तब दोनों देशों के संबंधों में निखार आया। 1991 के बाद दो ऐसी घटनाएं (शीतयुद्ध का अंत और भारत में आर्थिक सुधार की प्रक्रिया) घटी जिससे दोनों देश एकदूसरे के निकट आ गए। इसका परिणाम यह हुआ कि दोनों देशों के बीच आर्थिक कारोबार आसमान छूने लगा। 1991-92 में दोनों देशों का कुल व्यापार आस्ट्रेलियाई डाॅलर 1,041 मिलियन था जो 2018-19 में 21 अरब डाॅलर तक पहुंच गया। मुक्त व्यापार समझौते के बिना भी दोनों ओर का व्यापार इस समय 29 अरब आस्ट्रेलियाई डाॅलर से अधिक है। उल्लेखनीय है कि भारत बड़े पैमाने पर आस्टेªलिया को वस्त्र, रसायन, इंजीनियरिंग सामान, चमड़ा, हीरे व जवाहररात और खाद्योत्पाद इत्यादि निर्यात करता है वहीं आस्ट्रेलिया से कोयला, तांबा, ऊन, जानवरों के बाल, रुई, फल, सब्जियां, मछली और सोना आयात करता है। पिछले दो दशकों में भारत में आस्ट्रेलिया द्वारा द्वारा किया गया स्वीकृत पूंजीनिवेश काफी महत्वपूर्ण रहा है। 1991 से लेकर अभी तक भारत सरकार आस्ट्रेलिया के कई सैकड़े संयुक्त उद्यमों को स्वीकृति प्रदान कर चुकी है। भारत की सूचना तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण कंपनियों ने आस्टेªलिया में वाणिज्य एवं कई संगठनों को अच्छी सुविधाएं प्रदान करने हेतु अपने कार्यालय वहां के शहरों में खोल दिए हैं। इन कंपनियों के आॅफिस अधिकतर सिडनी में हैं। इनमें से प्रमुख कंपनियां हैं-एनआइआइटी, एचसीएल, टीसीएस, पेंटासोफ्ट, सत्यम, विप्रो, इंफोसिस, ऐपटेक, वल्र्डवाइड, आइटीआइएल, महेंद्रा ब्रिटिश टेलकाॅम लिमिटेड, मेगा साॅफ्ट आस्टेªलिया प्राइवेट लिमिटेड एवं जेनसार टेक्नोलोजिज इत्यादि। मेलबोर्न में विंडसर होटल भी ओबेराॅय होटल समूह का होटल है। टाईटन घड़ियों ने सिडनी में अपना शो रुम खोल दिया है। क्वीनजलैंड में पेसिफिक पेंट कंपनी को एशियन पेंट ने खरीद लिया है। स्टालाइट कंपनी ने माउंट लोयला में दो तांबे की खानें खरीद ली है। एयर इंडिया, आईटीडीसी, स्टेट बैंक तथा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने आस्टेªलिया में अपने कार्यालय खोल लिए हैं। इसी तरह आस्ट्रेलिया के वाणिज्य कर्मियों ने भी भारत में अपना कार्य शुरु कर दिया है। एएनजेड ग्रिंडले बैंक अपनी पांच दर्जन शाखाओं के साथ भारत में किसी भी विदेशी बैंक से सबसे बड़ा बैंक बन गया है। आस्ट्रेलिया की अन्य महत्वपूर्ण कंपनियां जो भारत में कार्यरत हैं उनमें आरटीजेड, सीआरए, नेशनल म्यूच्अल, क्वांटास, कोटी कार्पोरेशन, जोर्ड इंजीनियरिंग प्रमुख हैं। विज्ञान एवं तकनीकी समझौते के अंतरगत दोनों देश वित्तीय, शिक्षा सेवाओं, पर्यावरण, कंप्यूटर साॅफ्टवेयर, संचार, रद्दी पदार्थ प्रबंधन, फसल वायरस, रासायनिक खादों का परीक्षण तथा खाद्यान्न इत्यादि क्षेत्रों में मिलकर सुचारु रुप से काम कर रहे हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार-कारोबार को अपेक्षित सफलता तब मिलेगी जब दोनों मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मुहर लगाएंगे। उम्मीद थी कि तीन वर्ष पहले भारत आए आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल कीयात्रा में एफटीए पर मुहर लग जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल अच्छी बात है कि दोनों देशों ने एफटीए को ठंडे बस्ते में डालने के बजाए इस पर सहमति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हंै। अच्छी बात यह है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच संपन्न हुए वर्चुअल शिखर सम्मेलन में कई आर्थिक मसलों पर चर्चा हुई। आस्ट्रेलिया अनाज उत्पादन के साथ ही दुनिया का एक बड़ा दुग्ध उत्पादक देश भी है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला देश होने की वजह से भारत नहीं चाहता है कि उसका बाजार आस्ट्रेलियाई कृषि उत्पादों से भर जाए। भारत के संशय की एक वजह यह भी है कि अभी पूरी दुनिया में उदारवादी व्यापार सामझौतों को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। यहां ध्यान देना होगा कि कृषि उत्पादों को लेकर ही आस्ट्रेलिया और चीन के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते पर बात अटक गयी है। गौर करें तो द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों ने बहुपक्षीय मंचों जैसे आसियान, हिंद महासागर रिम, विश्व व्यापार संगठन इत्यादि पर भी सहयोगात्मक संबंध विकसित कर रहे हैं। आस्ट्रेलिया ने भारत के इस दृष्टिकोण का हमेशा समर्थन किया है कि विश्व के वित्तीय निर्णय-निर्धारक फोरमों का स्वरुप प्रजातांत्रिक और प्रतिनिध्यात्मक होना चाहिए। वह हमेशा भारत के साथ द्वि-पक्षीय व्यापक संबंधों को आगे बढ़ाने की वकालत की है। मौजुदा समय में आस्टेªलिया के निर्यात का छठा सबसे बड़ा गंतव्य-स्थान भारत ही है जिसमें कोयला, सोना एवं शिक्षा जैसी सेवाएं शामिल है। गौरतलब है कि दोनों देश व्यापक ज्ञान भागीदारी के सृजन हेतु भी काम कर रहे हैं जिसमें प्राथमिक स्कूल से विश्वविद्यालय स्तर तक की शिक्षा में संयुक्त सहयोग परियोजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान कार्य शामिल है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग इस भागीदारी का अहम अवयव है। गत वर्ष पहले आस्ट्रेलिया के विदेशमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान की भारतीय पहल की सराहना की और कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम सहिष्णुता और समायोजन के मूल्यों को प्रोत्साहित करता है जिसका आस्टेªलिया आदर करता है। अंतर्राष्ट्रीय मंचों की बात करें तो आस्ट्रेलिया सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता पाने के भारतीय दावे का पहले ही पूर्ण समर्थन कर चुका है। इसके अलावा वह ‘एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन’ में वर्ष 2010 में सदस्यता निरोध समाप्त हो जाने पर भारत को सदस्यता प्रदान किए जाने का समर्थन किया। स्वच्छ विकास एवं जलवायु पर एशिया प्रशांत भागीदारी के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक संयुक्त आस्टेªलिया-भारत परियोजनाएं महत्वपूर्ण योगदान कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक में भी भारतीय सुझावों का समर्थन कर चुका है। बेहतर होगा कि अब दोनों देश आतंकवाद से मिलकर लड़ने के संकल्प को मूर्त रुप देने के अलावा सीमा पार की कई गैर-सैन्य समस्याओं मसलन नशीले पदार्थों की तस्करी, दस्युता, समुद्री संचार की स्वतंत्रता, लघु शस्त्रों के निर्यात, विश्व व्यापार संगठन के प्रतिबंधों के संदर्भ में एक समान रणनीति तैयार करें ताकि इसे रोका जा सके। इससे दोनों देशों का सामरिक व आर्थिक हित सधेगा और शांति को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों के बीच शानदार मधुर रिश्ते के बावजूद दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि आस्टेªलिया में प्रजातिय हमले बढ़ रहे हैं जिसका सर्वाधिक शिकार भारतीय नागरिक बन रहे हैं। आस्टेªलिया सरकार को ऐसे हमले रोकना होगा। इसलिए और भी कि वर्तमान में अमेरिका के बाद विदेश में भारतीय विद्यार्थियों की सबसे अधिक संख्या आस्ट्रेलिया में है। उम्मीद की जानी चाहिए कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की पहली वर्चुअल शिखर सम्मेलन से दोनों देश विकास एवं आपसी सहयोग की इबारत गढेंगे और अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामरिक व सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई देंगे।

Comment:

İmajbet giriş
İmajbet giriş
Safirbet giriş
Safirbet giriş
İmajbet giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
betpark giriş
betpark giriş
Hitbet giriş
vaycasino
vaycasino
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betnano giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino giriş
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
kolaybet
betgaranti
betpark
kolaybet
betpark
betpark
hitbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
casibom
casibom
casibom giriş
casibom giriş
casibom
casibom
hititbet giriş
katlabet giriş
katlabet giriş
yakabet giriş
bahisfair giriş
bahisfair
betnano giriş
betorder giriş
betorder giriş
timebet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
timebet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
hititbet giriş
betorder giriş
betorder giriş
vaycasino
vaycasino
betpark
betpark
casibom giriş
casibom giriş
kolaybet giriş
betpark
betpark
vaycasino
vaycasino
betgaranti
casibom
casibom
casibom
casibom
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
casibom giriş
betplay giriş
betplay giriş
roketbet giriş
casibom giriş
casibom giriş
betorder giriş
betorder giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
fixbet giriş
fixbet giriş
fixbet giriş
fixbet giriş
betorder giriş
betnano giriş
betnano giriş
meritking giriş
meritking giriş
casibom güncel giriş
casibom giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet
kolaybet
vaycasino
vaycasino