IMG-20240822-WA0020

एक महान चिकित्सक ऋषि वृंद

वृंद की प्रमुख कृति का नाम है ‘सिद्धयोग’। इस ग्रंथ को पढ़ने से या भली प्रकार स्पष्ट हो जाता है कि चिकित्साशास्त्र के इतिहास में वृंद का नाम सदा अमर रहेगा। मनुष्य रसायन चिकित्सा के माध्यम से किस प्रकार अपने आप को निरोग और स्वस्थ रख सकता है ?- इस संबंध में वृंद ने इस पुस्तक में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है। मानव स्वास्थ्य की रक्षा को लेकर भारत के ऋषि वैज्ञानिक प्राचीन काल से ही सक्रिय रहे हैं। भारत की इसी प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ऋषि वृंद ने इस ग्रंथ की रचना की। मानव शरीर में मिलने वाले विभिन्न रोगों के लिए अनेक प्रकार की औषधियों को इस ग्रंथ में वृंद ने विस्तार से उल्लेखित किया है।

भारत के महान चिकित्साशास्त्री माधवकर

उस समय विंध्याचल पर्वत माला से लेकर पूरे भारतीय प्रायद्वीप में घना वन फैला हुआ था। इसी को रामायण काल में दण्डक वन कहा जाता था। यहां के निवासियों को उस समय वानर की संज्ञा दी जाती थी। विजयनगर साम्राज्य के उस वैभव पूर्ण काल में 900 ई0 में यहीं पर भारत के महान चिकित्साशास्त्री माधवकर का जन्म हुआ था। इन्हीं का नाम माधवाचार्य या विद्यारण्य भी था। माधवाचार्य ने अपने काल में भारत के चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया था।

हिंदुत्व के रक्षक आचार्य देवल

आचार्य देवल ने 712 ईसवी में मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण के पश्चात भारत के वैदिक धर्म की रक्षा के लिए ‘देवल स्मृति’ नाम का एक ग्रंथ लिखा। उसमें ऐसी अनेक व्यवस्थाएं दीं और लोगों को इस बात का मार्ग बताया कि यदि कोई भाई मुस्लिम से पुनः हिंदू बनना चाहे तो उसके लिए क्या उपाय किया जा सकता है? इस प्रकार ‘देवल स्मृति’ हिंदू से मुसलमान बन गए लोगों को फिर से हिंदू बनाने या उनकी ‘घर वापसी’ सुनिश्चित करने या उनकी शुद्धि करने का विधान है। देवल ऋषि ने इस स्मृति में व्यवस्था दी कि कोई व्यक्ति यदि ‘घर वापसी’ करते हुए फिर से हिंदू बनना चाहता है तो वह एक दिन का उपवास करे और दूसरे दिन दूध से स्नान करे। इसके पश्चात उसे घर वापसी के योग्य समझ लिया जाएगा। इसी प्रकार महिलाओं के लिए भी घर वापसी का सरल मार्ग आचार्य श्री ने बताया।

सनातन संस्कृति के रक्षक स्वामी दयानंद जी महाराज

स्वामी दयानंद जी ने शस्त्र और शास्त्र दोनों का अद्भुत संगम बनाकर अपने विचारों को लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया। यही कारण रहा कि उनके जीवनकाल में बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी बात को मानकर देश-धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लिया। देश की स्वाधीनता के क्रांतिकारी आंदोलन के अधिकांश नेता उनके विचारों से प्रभावित थे। 1857 की क्रांति में स्वामी जी महाराज बहुत अधिक सक्रिय रहे थे। इसके पश्चात भी वह देश की राजनीतिक घटनाओं के प्रति निरपेक्ष नहीं रहे। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना 1875 में की थी। इस पवित्र संस्था ने अनेक क्रांतिकारियों को जन्म दिया। उन क्रांतिकारियों के बलिदानों से ही भारत को आजादी मिली।

सनातन के रक्षक गुरु नानक देव

सिक्ख का शाब्दिक अर्थ – ‘शिष्य’ अर्थात् सिख ईश्वर के शिष्य होता है । शिष्य आर्यत्व की साधना में लगा होता है और श्रेष्ठता को प्राप्त कर अपने पूर्वजों के अर्थात गुरुओं के दिए हुए ज्ञान का प्रचारक प्रसारक बनता है। गुरु नानक देव जी इस बात को भली प्रकार जानते थे कि इस समय भारतीय धर्म सत्ता के मौलिक तत्वों का चिंतन और प्रसारण करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए ही उन्होंने ऐसे समर्पित शिष्यों की परंपरा चलाई जो श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी की संस्कृति को आगे लेकर चलने में सफल हों। गुरु नानक जी भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा संत थे ।

डॉ राकेश कुमार आर्य

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
hititbet
hititbet
Tuzla İpek Kirpik
hititbet giriş
hititbet
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
hititbet
hititbet
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
betnano
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betyap giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betnano
betnano
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
grandpashabet
betgaranti giriş
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti güncel giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
betnano
betnano
betkom giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
betpas giriş
betpas giriş
betkom giriş
betpas giriş
betpark giriş