देशबंधु क्या जब किसी की मौत के बाद उसका खून हाथों में लगा हो, तभी उसे हत्या कहा जा सकता है। या किसी को जान बूझकर तिल-तिल कर मरने की हालत में पहुंचा देने को भी हत्या कहा जाएगा। आज देश को इस सवाल का सामना कर अपने गिरेबां में झांक ही लेना चाहिए। आखिर […]
आखिर कब तक हम ‘स्वार्थी समाज’ बन कर रहेंगे