डॉ. प्रभात कुमार सिंघल प्राय: देखने में आता है कि आज के इंटरनेट युग में पाठकों ने पुस्तकों से दूरी बना ली है। एक समय था जब किताबें मानव के मनोरंजन के साथ – साथ ज्ञान, शिक्षा का भंडार और संस्कृति का संवाहक मानी जाती थी। बच्चों से लेकर बूढ़े तक अपनी – अपनी रुचि […]