रवि शंकर एन.सी.ई.आर.टी का नाम लेते ही हमारे मन में ऐसी पुस्तकों का चित्र उभरता है, जो पूरे देश में बच्चों को पढ़ाई जाती हैं। ऐसे में स्वाभाविक ही है कि कोई भी यह समझेगा कि ये पुस्तकें राष्ट्रीय एकात्मता और राष्ट्रीय गौरव के लिए ही तैयार की गई होंगी। दुखद यह है कि बात […]