सिद्धार्थ ताबिश की फेसबुक वॉल से “मेरा संबोधन सारी कौम या समूची जाति के लिए नहीं होता। जो भी इस तरह के बयान से ‘सहमति’ रखते हैं, मेरे सवाल, घृणा या कटाक्ष सिर्फ उन्हीं के लिए होते हैं, न कि ‘मजहब’ को मानने वाले समूचे लोगों के लिए।” मेरी पोस्ट किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए विवादित […]