1947 में जब सांप्रदायिक आधार पर देश का विभाजन हुआ तो पाकिस्तान में ढाई से 3 करोड हिंदू उसे अपना वतन मानकर वहीं रह गये थे। उस समय पाकिस्तान के निर्माता जिन्नाह ने हिंदुओं को यह विश्वास दिलाया था कि पाकिस्तान धर्मनिरपेक्षता के मार्ग पर चलेगा। जिससे गैर मुसलमानों को पाकिस्तान में रहने से किसी […]