मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को दुर्गुणों व दुर्व्यसनों, अज्ञान, अन्धविश्वास, पाखण्ड, मिथ्या सामाजिक परम्पराओं के साथ साथ अन्याय व शोषण से रहित अपने जीवन की रक्षा के लिये सदाचारी विद्वानों, देवत्वधारी पुरुषों सहित वेदज्ञान की भी आवश्यकता होती है। यदि समाज में सच्चे ज्ञानी व परोपकारी मनुष्य न हों तो समाज में अज्ञान की वृद्धि […]