बहस में समय न गँवाएंरचनात्मक करें – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 हमारा ‘यादातर समय बेकार की बहस में चला जाता है। दिन भर में हम कई बार बहस में उलझ जाते हैं जिसका न कोई लाभ होता है, न कोई निष्कर्ष सामने आ पाता है। कुल मिलाकर आजकर बहस का सीधा सा अर्थ टाईमपास और मनोरंजन […]
Category: आज का चिंतन
आज का चिंतन-05/09/2013
शिक्षकीय स्वाभिमान ही है राष्ट्रनिर्माण का मूलाधार – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 शिक्षक समाज और राष्ट्र का निर्माता है जिसके जिम्मे उस पीढ़ी को तैयार करने का दायित्व है जो सृजन और विकास का इतिहास कायम करती है और समुदाय तथा देश के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करती है। इससे पाठशाला और समुदाय के […]
आज का चिंतन-03/09/2013
शरीर के लिए समय निकालें वरना शरीर निकल जाएगा – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मन, मस्तिष्क और शरीर तीनों को स्वस्थ, मस्त और फुर्तीला बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि इन्हें पर्याप्त पोषण और समय मिले तथा इनकी निरन्तरता के लिए प्रत्येक प्रकार की ऊर्जाओं की प्राप्ति नियमित रूप से होती रहे। इसीलिये […]
आज का चिंतन-02/09/2013
औरों की नकल न करेंखुद की पहचान बनाएं – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति में यह सामर्थ्य मौलिक रूप से विद्यमान है कि वह चाहे तो अपनी अलग पहचान बना सकता है। इसके लिए ईश्वर की ओर से उसे पर्याप्त बुद्घि और हुनर से नवाजा जाकर धरा पर भेजा गया है। यह दिगर बात […]
आज का चिंतन-01/09/2013
झूठन चाटने वाले ही करते हैंझूठी और सुनी-सुनायी बातें – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 हर इंसान की हर प्रकार की अभिव्यक्ति और जीवन व्यवहार का सीधा संबंध खान-पान से है। अन्नमय शरीर का निर्माण खान-पान से ही होता है और ऐसे में मन-मस्तिष्क और शरीर के तमाम अवयवों, कर्मेन्द्रियों व ज्ञानेन्द्रियों से लेकर जीवन की तमाम […]
आज का चिंतन-31/08/2013
हिन्दुस्तान मेंयही सबसे बड़ी बुराई है – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 बस-रेल, चौराहों-सड़कों से लेकर गप्पस्थलों तक सभी जगह आजकल ऐसे लोगों की खूब बहुतायत रहती है जो बात-बात में कहने के आदी हो गए हैं कि हिन्दुस्तान में यही सबसे बड़ी बुराई है। और अभिव्यक्ति भी ऐसी मुखर होकर करेंगे कि जैसे इन्हें हिन्दुस्तान के […]
आज का चिंतन-30/08/2013
देश के लिए भार ही हैं पालतु और फालतु लोग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 मनुष्य के रूप में परिपूर्णता पाने वाले लोगों के लक्षण पालने से ही दिखने शुरू हो जाते हैं और इसी प्रकार उन लोगों के भी लक्षणों की झलक पालने से ही पता की जा सकती है जो भगवान की दी […]
आज का चिंतन-29/08/2013
नजरबंदी की तरह न रहेंघूमने-फिरने की आदत डालें – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 जो अपने आपको बाँध लेता है, उसकी मुक्ति भगवान भी नहीं कर सकता। आजकल हम लोगों की स्थिति ऐसी ही है जो बँधे हुए हैं। हमें किसी और ने नहीं बाँध रखा है, न हम कैदी या नजरबंदी हैं। हमने आपको बाँध रखा […]
आज का चिंतन-28/08/2013
बेकार है हमारा जीनायदि औरों को खुशी न मिले – डॉ. दीपक आचार्य9413306077 कुछ लोगों के बारे में यह आम धारणा होती है कि ये लोग जहाँ मौजूद रहते हैं वहाँ मस्ती भरा सुकून अपने आप पसर जाता है और ऐसे में उन सभी लोगों को दिली आनंद और प्रसन्नता का अनुभव होता है जो […]
आज का चिंतन-27/08/2013
दिमाग से निकालें पुरानी बातों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 जिन बातों का हमारे वर्तमान और भावी जीवन के लिए कोई मूल्य नहीं है उन सभी बातों को दिमाग से बाहर निकाल फेंकना चाहिए। अपने जीवन के लिए अनुपयोगी बातों और वस्तुओं को अपने पास बनाए रखना बुजुर्गियत लाता है, जिन्दगी को बोझिल बनाता […]