◙ *प्रार्थना और भक्ति…* —————————————————– _“हमनें बहुत से अंधविश्वासियो से सुना है कि श्री तुलसीदास जी अड गये कि ‘हे ईश्वर, हम तो तुझे धनुष-बाण लिये हुए ही देखना चाहते है।’. तुकाराम जी के लिए सुना है कि उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ‘हम इस शरीर में तेरा निराकार स्वरुप नहीं देख सकते, अत: […]
प्रार्थना और भक्ति