——————– *त्वरितटिप्पणी* ——————– *आज जब सिर पर घूमता एक वायरस हमारी मौत बनकर बैठ गया तब हम समझें कि हमें क्वारेंटाईन होना चाहिये, मतलब हमें ‘‘सूतक’’ से बचना चाहिये। यह वही ‘सूतक’ है जिसका भारतीय संस्कृति में आदिकाल से पालन किया जा रहा है। जबकि विदेशी संस्कृति के नादान लोग हमारे इसी ‘सूतक’ को समझ […]
Month: March 2020
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक तरफ पूरा विश्व कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में भी पड़ोसी देश पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। दरअसल, पाकिस्तान इन दिनों कोरोना की मार झेल रहा है और खबर यह आ रही है कि पाक अपने कोरोना के मरीजों को पाक अधिकृत कश्मीर भेज […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार रामानंद सागर की ‘रामायण’ को भला कोई भूल सकता है! 80 के दशक के आखिर में इस सीरियल ने सफलता की जो इबारत लिखी वह ऐतिहासिक साबित हुआ। टीवी की दुनिया में वैसा जादू फिर से दोहराया न जा सका। रामानंद सागर की रामायण को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक […]
ओ३म् =========== मनुष्य अपने पूर्वजन्म के कर्मों वा प्रारब्ध के अनुसार इस सृष्टि में जन्म लेता है। उसने जो कर्म किये होते हैं उनका सुख व दुःख रुपी फल उसे अवश्य ही भोगना होता है। जाने व अनजानें में मनुष्य जो कर्म करता है उसका कर्म के अनुसार परमात्मा की व्यवस्था से फल अवश्य मिलता […]
राणा उदयसिंह हमारे एक ऐसे इतिहास नायक हैं जिनके साथ अभी तक अन्याय ही होता रहा है । बहुत बहादुर , देशभक्त , वीर स्वतंत्रता सेनानी होने के उपरांत भी उन्हें इतिहास में वह स्थान नहीं मिला है जो उन्हें मिलना चाहिए था । वे मेवाड़ के राणा साँगा के पुत्र और महाराणा प्रताप के […]
दैनिक यज्ञ में 16 आहुतियां ही क्यों
इसके पश्चात दैनिक यज्ञ की आहुतियां दी जाती हैं, दैनिक यज्ञ के लिए 16 आहुतियों का विधान किया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को दैनिक यज्ञ में 16 आहुतियां ही देनी चाहिएं। इसका कारण है कि हम प्रति मिनट औसतन 16 श्वांस लेते हैं, इस सोलह के गुणाभाग से 24 घंटे में 16 किलो प्राणवायु […]
देशभर में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन कर दिया गया है। अगले 21 दिन आपको घर में हो रहना है। जबतक बेहद जरूरी हो घर से न निकलें क्योंकि ऐसा करते पाए जाने पर सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान किया गया है। इसमें सजा को एक महीने से 2 साल तक बढ़ाया जा सकता […]
गतांक से आगे…. इन्द्रो मधैर्मधवा वृत्रहा भुवत्।(ऋ०१०/२3/२) वृत्रहणं पुरन्दरम्। (ऋ० ६/१६/१४) यो दस्योर्हन्ता स जनास इन्द्र:।(ऋ० २/१२/१०) अर्थात् इंद्र ही मधवा और वृत्र के मारनेवाला हुआ। वृत्र को मारने वाला ही पुरन्दर है और जो दस्यु को मारने वाला है, वही इन्द्र है । यह वृत्र और दस्यु शब्द एक ही पदार्थ के वाचक हैं। […]
उसने सबसे पहले कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाई और तब तक अपने फ्रिजों में रखी जब तक पूरे विश्व की आर्थिक अर्थव्यवस्था को पाताल में नहीँ उतार दिया। चीन पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स का हब बन गया था। चीन ने अपने वुहान शहर में इस वायरस को छोडा और जबरदस्त मौतों के कारण भागते इन्वेस्टर्स […]
ओ३म् =========== वर्तमान संसार अनेक भाषाओं एवं ज्ञान-विज्ञान से युक्त है। इन सब भाषाओं एवं ज्ञान-विज्ञान का विकास कैसे व कब हुआ, इस प्रश्न का उठना स्वाभाविक है। इन प्रश्नों का समाधान खोजने का सबको प्रयत्न करना चाहिये। हम जानते हैं कि संसार कि सबसे पुरानी सभ्यता वैदिक सभ्यता है। इस सभ्यता का आविर्भाव वेदों […]