मनुष्य को नही ज्ञात कि उच्च शिखर पर पहुंचने में दृढ़ संकल्प व प्रबल इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। इसके लिए मानवीय मूल्य और नैतिक सिद्घांत हमारी जीवन नैया की पतवार बनते हैं-साहस और लक्ष्य के प्रति निष्ठा हमारे नाविक बनते हैं। पहाड़ों से नदियों का निकलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन लगातार बहती इस […]
Month: September 2015
मोदी हैं हुशियार -एक तीर से कई शिकार
हरिहर शर्मा सरकार की नीतिगत घोषणाएं सीधे जनता के बीच करने की अनोखी पहल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। कल 11 वीं बार जनता से मन की बात करते हुए उन्होंने यह घोषणा की कि विवादास्पद भूमि अधिग्रहण को अब दोबारा नहीं लाया जायेगा। स्मरणीय है कि उक्त अध्यादेश की अवधि 31 अगस्त […]
आय बढऩे से ही मिटेगी देश की गरीबी
डॉ. भरत झुनझुनवाला केन्द्रीय आवास एवं शहरी, गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने गरीबों के लिये मकान बनाने को राज्य सरकारों से आग्रह किया है। मंत्रालय ने तीस लाख घर प्रति वर्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना को राज्य सरकारों के माध्यम से लागू किया जायेगा। योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों को ब्याज पर […]
मृत्युंजय दीक्षित भारतीय राजनीति वाकई में बहुत ही कलरफुल हो गयी है। इस देश में अब ऐसा कोई भी मुददा नही बच रहा है जोकि तुष्टीकरण की राजनीति की भेंट न चढ जाये। नई दिल्ली नगर महापालिका ने औरंगजेब रोड का नाम पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न स्व. डा. ए पी जे अब्दुल कलाम क्या रख दिया […]
गूगल का पिछले लोगो को तो सब अच्छी तरह जानते है और पहचानते भी है। लेकिनक्या आपने ध्यान दिया की गूगल ने इस महीने की पहली तारीख को अपना लोगो चेंज किया है।इसका नया रूप बहुत ही आकर्षित है.यह गूगल के लाभार्थियों को बहुत लुभाने वाला है ।इसमे गूगल ने वॉइस कंट्रोल के लोगो को भी […]
कहर बरसा था दिल्ली में उन दिनों
प्रस्तुति रोहताश सिंह आर्य- बादशाह बहादुर शाह जफर के कैद हो जाने के बाद अंग्रेजों के जासूसों ने खबर दी कि बादशाह के बेटे हुमायूं के मकबरे में ही छिपे हुए हैं और इन लोगों ने भी बगावत के दौरान अंग्रेजों का कत्ल करने में हिस्सा लिया था। अंग्रेज अधिकारी हडसन यह खबर पाकर झूम […]
हम शांति पाठ करते समय ‘ओ३म् द्यौ: शांतिरंतरिक्षं शांति : पृथिवी:….’ के मंत्र से द्यौलोक से लेकर पृथ्वी तक और जलादि प्राकृतिक पदार्थों से लेकर वनस्पति जगत तक में शांति शांति भासने का वर्णन करते हैं, और अंत में इन सबमें व्याप्त इस शांति के लिए प्रार्थना करते हैं कि यही शांति मुझे भी प्राप्त […]
परिकर की टिप्पणी स्वागतयोग्य
भारत भूमि वीरों की भूमि है। 1947 में आजादी मिलने के बाद भी इस देश के रणबांकुरों ने जब-जब दुश्मन ने चुनौती दी तब-तब उसे धूल चटाने में अपनी अप्रतिम वीरता का परिचय दिया। अब से पचास वर्ष पूर्व 1965 में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले भारत के वीर जवान ही थे और 1971 में […]
भारत गुलामी की ओर……….
संजय चाणक्य ‘‘ जिनके दिल में दर्द है दुनिया का, वही दुनिया मे जिन्दा रहते है! जो मिटाते है खुद को जीते जी, वही मरकर जिन्दा रहते है!!’’ अगर हम आपसे कहे कि भारत एक बार फिर गुलामी की ओर बढ़ रहा है, तो शायद आपकों कुछ अटपटा सा लगेगा। हो भी क्यों नही। क्योकि […]
कामयाबी की कसौटी
सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए नई योजना शुरू कर देने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। अगर इन सभी शहरों को स्मार्ट बनाना है तो पहले सरकार स्वयं स्मार्र्ट बने, नागरिकों को स्मार्ट बनाए स्मार्ट सिटी सरकार की अच्छी योजना मानी जा सकती है बेशक ये कागजों से उतरकर धरातल पर साकार हो पाए। […]