“स्वक्छता अभियान” के प्रभाव से मालाड बी एम सी कर्मचारी जोश में मुंबई। सामाजिक संस्था ‘गांधी विचार मंच’ के अध्यक्ष श्री. मनमोहन गुप्ता द्वारा मालाड (वेस्ट) में रेलवे ब्रिज के पास “स्वक्छता अभियान” की शुरुवात कर रक्खा है। और मोदी जी के “स्वक्छता अभियान” के बाद से पूरे देश में यह जोर शोर से चालू […]
Month: December 2014
सुल्तान ने किला यूं ही छोड़ दिया सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी के विषय में हमें अधिक जानकारी समकालीन इतिहास लेखक जियाउद्दीन बर्नी की पुस्तक ‘तारीखे फिरोजशाही’ से मिलती है। बरनी ने रणथंभौर पर सुल्तान की चढ़ाई का बड़ा रोचक वर्णन किया है । वह लिखता है कि जब सुल्तान ने रणथंभौर पर चढ़ाई की तो वहाँ […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी “मेरा एक ही संदेश है कि राजधर्म का पालन करें। राजधर्म….। यह शब्द काफी सार्थक है। मै इसी का पालन कर रहा हूं। पालन करने का प्रयास कर रहा हूं। राजा के लिये शासक के लिये प्रजा प्रजा में भेद नहीं हो सकता। ना जन्म के आधार पर ना जाति के आधार […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी चुनावी लोकतंत्र फेल हुआ तो बंदूक थामी। सिस्टम को लेकर गुस्सा चरम पर पहुंचा तो पत्थर उठाया। और जिन्दगी जीने की जरुरतो ने सपनों को जगाया तो वोट डाल कर अंगुली पर लोकतंत्र के उसी चिन्ह से एक ऐसी सियासी लकीर खींच दी, जिसे दिल्ली चाहकर भी भूल नहीं सकती है। क्योंकि […]
मोदी की मौनी-मुद्रा
संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की बैठकें हंगामे की भेंट चढ़ गईं। कई महत्वपूर्ण विधेयक अधर में लटक गए। जिस मुद्दे को लेकर हंगामा होता रहा, उस पर भी कोई सारगर्भित बहस नहीं हुई। धर्मांतरण-जैसा गंभीर मुद्दा भी राजनीति की भेंट चढ़ गया। इसका कारण सिर्फ एक है- विपक्ष की जिद। उसकी जिद यह […]
प्रो. राजेन्द्र सिंह विगत एक सहस्र वर्ष से भारतवर्ष को वह बनाने की निरंतर चेष्टा की जा रही है जो इस सर्व प्राचीन राष्ट्र की सहज प्रकृति से कतई मेल नही खाता। विदेशी आक्रांता शासकों ने इस देश के मूलभूत स्वरूप को मिटाने के लिए बृहद हिंदू समाज पर अनगिनत अत्याचार किये थे। समय पाकर […]
शायद यह भारत-पाक का नया अध्याय?
पेशावर के नर-संहार ने पाकिस्तान की जनता को जगा दिया है, इसमें जरा भी शक नहीं है। पाकिस्तान में शायद ही कोई आम आदमी होगा, जिसका दिल न दहल गया हो। लगता है, पाकिस्तान की जनता अब पूरी तरह से आतंकवाद के खिलाफ हो गई है। शायद इसीलिए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने पहली बार यह […]
मनीराम शर्मा देश के कुछ तथाकथित अति बुद्धिमान लोगों का यह भी मत है कि जनता में सक्रियता नहीं है | मेरा उनसे एक प्रश्न है कि आम जनता में सक्रियता है या नहीं अलग बात हो सकती है किन्तु जो सक्रीय हैं उनके अधिकाँश आवेदन भी तो किसी न किसी बनावटी बहाने से रद्दी […]
नई दिल्ली, 21 दिसम्बर, 2014। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल श्री राज्यर्वद्धन सिंह राठौड़ ने छोटे और मंझोले समाचार पत्रों को भरोसा दिया है कि उनकी वाजिब समस्याओं का हल करवाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जायेंगे। श्री राठौड़ ने नई दिल्ली में इंडियन न्यूज […]
बिखरे मोती भाग-78 गतांक से आगे….जिस प्रकार अग्नि ईंधन से तृप्त नही होती, जिना ईंधन डालते जाओगे उतनी ही बढ़ती जाती है। ठीक इसी प्रकार स्त्रियों की तृष्णा मांग, कामनाएं पुरूष जितनी पूरी करता जाता है, उतनी ही वे बढ़ती जाती हैं।सागर में नदियां पड़ैं,फिर भी बाढ़ न आय।मृत्यु तृप्त होती नही,सबै मारकै खाय ।। […]